
नारी डेस्क : आज की तेज़ रफ्तार दुनिया में ध्यान भटकाने वाली चीज़ें बहुत ज़्यादा हैं। इसके कारण अक्सर लोग मानसिक रूप से थके हुए महसूस करते हैं। ऐसे में योग एक प्राकृतिक और प्रभावी तरीका है, जो बिना किसी उत्तेजक या तकनीक के सहारे, एकाग्रता और मानसिक शांति बढ़ाने में मदद करता है। योग के साथ गहरी सांस लेने का अभ्यास करने से तंत्रिका तंत्र शांत होता है, विचारों को नियंत्रित करने की क्षमता बढ़ती है और मन और शरीर में संतुलन आता है।
योग से सहन शक्ति और एकाग्रता कैसे बढ़ती है?
योग गहरी और धीमी सांस लेने में मदद करता है। इससे तनाव हार्मोन कम होते हैं और मन शांत होता है। प्रतिदिन योग करने से मन को कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने और स्पष्ट रूप से सोचने की आदत बनती है।

ताड़ासन (Mountain Pose)
दिखने में सरल, लेकिन इस आसन के लिए संतुलन और एकाग्रता की आवश्यकता होती है। सीधे खड़े होने से सांस लेने में आसानी होती है और मानसिक बेचैनी कम होती है। ताड़ासन एकाग्रता और स्थिरता बढ़ाने में मदद करता है।
वृक्षासन (Tree Pose)
वृक्षासन में सबसे बड़ी चुनौती संतुलन बनाए रखना है। इस आसन में एक बिंदु पर ध्यान केंद्रित करने से एकाग्रता और मानसिक स्पष्टता बढ़ती है। यह आसन समन्वय और धैर्य के लिए भी बहुत उपयोगी है।

बैठकर आगे झुकना (Seated Forward Bend)
पैरों पर झुकने से गर्दन और कंधों का तनाव कम होता है। यह आसन मानसिक शांति देता है और ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। यह अंतरात्मा और आत्मचिंतन के लिए भी उत्तम है।
बालासन (Child Pose)
बालासन मस्तिष्क को पुनर्जीवित करता है और तनाव दूर करता है। चटाई पर सिर रखने से मन शांत होता है और मानसिक थकान से राहत मिलती है। यह विशेष रूप से तनाव और विचलन के समय में लाभकारी होता है।
आसान बैठने की मुद्रा और गहरी सांस
आरामदायक बैठने की मुद्रा में धीमी और गहरी सांस लेने से मस्तिष्क तक ऑक्सीजन पहुंचती है। सांसों पर ध्यान केंद्रित करने से मन शांत रहता है, एकाग्रता बढ़ती है और भावनाएं संतुलित होती हैं।

नियमित अभ्यास से लाभ
रोजाना कुछ मिनट के लिए इन सरल योगासनों का अभ्यास करने से एकाग्रता और मानसिक स्पष्टता बढ़ती है। नियमित समय और लगन बनाए रखने से मन और शरीर को दीर्घकालिक लाभ मिलता है।