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Ganesh Chaturthi: 10 दिनों तक क्यों मनाया जाता है बप्पा का जन्मदिन? जानिए रोचक कहानी

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 04 Sep, 2019 10:07 AM
Ganesh Chaturthi: 10 दिनों तक क्यों मनाया जाता है बप्पा का जन्मदिन? जानिए रोचक कहानी

गणेश चतुर्थी का उसत्व शुरू हो चुका है, जो 10 दिन तक धूम-धाम से मनाया जाएगा। देश भर के कई जगहों और चौक-चौराहों पर पंडाल लगाने और भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करने की परंपरा है। मगर क्या आप जानते हैं कि गणेश चतुर्थी 10 दिन तत क्यों मनाते है और गणेश विसर्जन क्यों किया जाता है। चलिए आज हम आपको गणेश चतुर्थी 10 तक मनाने और बप्पा का विसर्जन करने की कहानी बताते हैं...

 

पहले 1 दिन ही सेलिब्रेट होता था यह दिन

शिवपुराण के अनुसार, इस दिन भगवान श्री गणेश जी ने जन्म लिया था। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पर्व हजारों साल से मनाया जा रहा है। हालांकि पहले इस पर्व को सिर्फ 1 दिन ही धूमधाम से मनाया जाता था। इसे 10 दिन तक सेलिब्रेट करने की परंपरा बाद में शुरू हुई।

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क्यों करते हैं गणेश प्रतिमा का विसर्जन?

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, श्री वेद व्यास ने गणेश चतुर्थी से महाभारत कथा श्री गणेश को लगातार 10 दिनों तक सुनाई थी। जब वेद व्यास ने 10 दिन बाद आंखें खोली तो पाया कि गणेश जी का तापमान बहुत अधिक हो गया था। इसके बाद वेद व्यास जी ने गणेश जी को निकट के सरोवर में ले जाकर ठंडा किया था। साथ ही श्री गणपति जी के शरीर का तापमान ना बढ़े इसलिए वेद व्यास जी ने उनके शरीर पर सुगंधित सौंधी माटी का लेप किया। लेप सूखने पर जब गणेश जी के शरीर में अकड़न आ गई तब उन्होंने बप्पा को शीतल सरोवर में ले जाकर पानी में उतारा। इस बीच वेदव्यास जी ने गणेश जी को मनपसंद आहार अर्पित किए। तभी से गणेश उसत्व 10 दिन तक धूम-धाम से मनाया जाने लगा।

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गणेशोत्सव क्यों 10 दिनों तक मनाया जाता है?

दरअसल, पेशवा शासन के समय गणेश चतुर्थी काफी भव्य रुप से मनाया जाता था। मगर जब अंग्रेजों ने भारत पर कब्जा किया तो उन्होंने पेशवाओं के राज्य पर भी अपना अधिकार जमा लिया। इसके बाद गणेशोत्सव की भव्यता में साल दर साल कमी आने लगी लेकिन इसे मनाने की पंरपरा बनी रही।

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ऐसे में उन दिनों महान क्रांतिकारी व जननेता लोकमान्य तिलक ने हिंदू धर्म को संगठित करने का विचार बनाया। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश जी ही मात्र एक ऐसे देवता हैं, जिन्हें सभी समाज के लोग पूजनीय मानते हैं और अंग्रेज भी इसमें दखलअंदाजी नहीं करेंगे। ऐसे में उन्होंने सबको एकजुट करने के लिए सार्वजनिक गणेशोत्सव कि शुरुआत की, जिसमें 10 दिनों तक भगवान गणेश का ये उत्सव हर साल जोर-शोर से मनाया जाने लगा। इससे हिंदूओं में एकता बढ़ती चली गई। साथ ही देश को आजादी दिलाने में भी काफी मदद मिली थी।

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इस तरह गणेश उत्सव के प्रति लोगों के दिलों में दिन-ब-दिन आस्था बढ़ती चली गई। लोग पूरी श्रद्धा और भक्ति से 10 दिनों तक हर साल गणेशोत्सव धूम-धाम से मनाने लगे और आजतक इस उसत्व को 10 दिन तक मनाया जाता है।

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