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महिला ने कैंसर ठीक करने के लिए खाई हल्दी, पीला पड़ा शरीर हो गई मौत

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 01 Jan, 2026 12:51 PM
महिला ने कैंसर ठीक करने के लिए खाई हल्दी, पीला पड़ा शरीर हो गई मौत

 नारी डेस्क: कैंसर एक गंभीर बीमारी है, और इसके इलाज के लिए लोग कई घरेलू या आयुर्वेदिक उपाय अपनाते हैं। हल्दी को अक्सर स्वास्थ्यवर्धक और फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसे गलत तरीके और बिना डॉक्टर की सलाह के लेने से गंभीर नुकसान हो सकता है। ऐसा ही एक मामला ऑन्कोलॉजिस्ट डॉक्टर अक्षय केवलानी ने बताया।

हल्दी और कैंसर

हल्दी में करक्यूमिन नामक तत्व होता है, जिसे स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। इसमें एंटी-इंफ्लामेटरी और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। कुछ लैब स्टडीज़ में देखा गया है कि करक्यूमिन कैंसर कोशिकाओं पर असर डाल सकता है। लेकिन यह असर इंसानी शरीर में उतना प्रभावशाली नहीं होता।

क्या हुआ इस महिला के साथ

एक बुजुर्ग महिला को रीनल सेल कार्सिनोमा (किडनी का कैंसर) था और उनके शरीर में लंग मेटास्टेसिस भी था। उनका इलाज कीमोथेरेपी से चल रहा था, और तीसरी साइकिल होने वाली थी। इस दौरान महिला ने कैंसर ठीक करने के लिए हल्दी के कैप्सूल लेना शुरू कर दिया।

शरीर पीला पड़ने की वजह

महिला के शरीर का रंग पीला पड़ गया और उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी। डॉक्टर ने पहले सोचा कि शायद कैंसर लिवर तक फैल गया है, इसलिए पीलिया हुआ। लेकिन जब उन्होंने आंखों के सफेद हिस्से (स्क्लेरा) की जांच की, तो वह सफेद ही थी, यानी असल में पीलिया नहीं था।

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असली कारण

महिला के अटेंडेंट से पूछताछ करने पर पता चला कि महिला हल्दी से भरे कैप्सूल खा रही थी, जिसे स्थानीय फिजिशियन ने दिया था। इस हल्दी में करक्यूमिन की मात्रा बहुत ज्यादा थी, जिससे महिला के सबक्यूटेनियस टिश्यू में जमावट हुई और शरीर पीला पड़ गया। इस वजह से लोगों को लगा कि महिला पीलिया से पीड़ित है।

करक्यूमिन और उसका असर

प्रतिक्रिया लैब में: प्री-क्लीनिकल ट्रायल में करक्यूमिन को हाई डोज़ में ट्यूमर सेल्स पर टेस्ट किया गया था, और इसमें कैंसर सेल्स मर गए।

वास्तविक जीवन में: इंसानी शरीर में हल्दी की बायोएवेबिलिटी बहुत कम होती है। इसका अधिकतर हिस्सा पेट में ही पच जाता है और खून में बहुत कम मात्रा में पहुंचता है। इसलिए यह ट्यूमर सेल्स तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाता।

डॉक्टर का संदेश

डॉक्टर अक्षय केवलानी ने बताया कि हल्दी या किसी भी घरेलू नुस्खे को बिना सलाह के लेना खतरनाक हो सकता है। खासकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में, किसी भी घरेलू उपाय या आयुर्वेदिक दवा को अपनी डॉक्टर की निगरानी के बिना नहीं लेना चाहिए।

हल्दी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में इसे स्वयं से ज्यादा मात्रा में लेने से जान का खतरा हो सकता है। इसके बजाय मेडिकल ट्रायल और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज करवाना ही सुरक्षित है।   

 

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