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क्या आपके बच्चे की हथेली से भी निकलता है पसीना? तो हो जाएं अलर्ट

  • Edited By Sunita Rajput,
  • Updated: 06 Mar, 2019 02:17 PM
क्या आपके बच्चे की हथेली से भी निकलता है पसीना? तो हो जाएं अलर्ट

वैसे तो शरीर से पसीना निकलना अच्छी बात है। दरअसल, शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स (जहरीले पदार्थों) को बाहर निकालने के लिए पसीना आना बहुत जरूरी है लेकिन अधिकतर बार शिशु को सोते समय सामान्य से ज्यादा पसीना आने लगता है जो ठीक नहीं है। खासतौर पर अगर पसीना शिशु की हथेलियों या तलवों से निकले तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। अगर आप इस संकेत को गर्मी या तापमान का असर समझकर इग्नोर करती है तो आपको बाद में पछताना पढ़ सकता है। इसलिए आपको शिशु के पसीने का कारण मालूम होना चाहिए,ताकि सही समय पर उसका इलाज शुरू करवाया जा सकें। चलिए आज हम आपको इसके 5 कारण बताते है जिनके बारे में सभी पेरेंट्स को पता होना चाहिए। 

 

हथेलियों और तलवों से पसीना-गंभीर समस्या   

गर्मियों के मौसम में या ज्यादा गर्माहट मिलने से शरीर से पसीना निकलना सामान्य है लेकिन अगर शिशु की हथेलियों या तलवों से बिना किसी वजह से पसीना निकलता रहता हैं तो यह किसी गंभीर समस्या की तरफ इशारा करते हैं। इसलिए जब भी ऐसा हो तो पहले शिशु को जगाएं, ताकि वह रोने लगे। फिर इसके बाद उसे डॉक्टर के पास लेकर जाएं।

 

सांस लेने में दिक्कत

अधिकतर बार ऐसा होता है कि सोते हुए शिशु की सांस कुछ सेकेंड के लिए रुक जाती है। जब उसे सांस लेेने में दिक्कत होती है तो उसके शरीर व तलवों से ज्यादा पसीना निकलने लगता हैं। ऐसे में शिशु को पहले हिलाकर जगाए। ऐसा करने से पहले तो वह रोने लगेगा। रोते हुए बच्चे ज्यादा तेजी से सांस खींचते हैं और उऩके शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति हो जाती है। अगर शिशु सोते हुए घरघराहट के साथ सांस लेता है तो उसे तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं क्योंकि यह घरघराहट जानलेवा भी हो सकती हैं। 

 

बुखार के कारण

जब बुखार आता है तो शरीर से पसीना भी ज्यादा मात्रा में निकलने लगता है। दरअसल, बुखार में शरीर का तापमान तेज हो जाता है। तापमान के संतुलन के लिए पसीना निकलने लगता है। इसलिए शिशु पसीना आए तो पहले बुखार की जांच करें। 

 

दिल की बीमारी

अधिकतर शिशु जन्म से ही दिली से जुड़ी किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त होते है। दरअसल, दिल में छेद, अनियमित धड़कन, अनुवांशिक हृदय रोग के कारण भी शिशु को सामान्य से ज्यादा पसीना आता है। ऐसा में आपको इस बात को नोटिस करना होगा कि पसीने के साथ शिशु की त्वचा का रंग तो नहीं बदलता या उसकी सांस तो नहीं रूक रही। अगर ऐसा है तो पहले उसे सीपीआर दें, फिर किसी अच्छे से हॉस्पिटल में लेकर जाएं। 

 

हाइपरहाइड्रोसिस

हाइपरहाइड्रोसिस के कारण भी शिशु के शरीर पर ज्यादा पसीना आने लगते है। ऐसे में घबराने की जरूर नहीं, बस उसे पहली बार ही डॉक्टर के पास लेकर चले जाए और उसका पूरा ट्रीटमेंट करवाएं। 
 

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