
नारी डेस्क: हम अक्सर सोचते हैं कि बालों की देखभाल सिर्फ महंगे शैंपू, कंडीशनर और ऑयलिंग से होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि रोज़ाना बालों को कैसे बांधा या रखा जाता है, उसका भी बालों की सेहत पर बड़ा असर पड़ता है? कई बार स्टाइल या सुविधा के लिए बाल बहुत कसकर बांध दिए जाते हैं, जिससे जड़ों पर दबाव पड़ता है और बाल टूटने या झड़ने लगते हैं। वहीं, बाल हमेशा खुला रखने पर भी धूल, प्रदूषण और फ्रिक्शन से बाल कमजोर हो सकते हैं। मशहूर डर्मेटोलॉजिस्ट ने इंस्टाग्राम वीडियो में बताया कि रोज़मर्रा के हेयरस्टाइल का बालों की सेहत पर सीधा असर पड़ता है। आइए जानते हैं उनकी प्रमुख सलाह
टाइट चोटी न बांधे
रोज़ाना बहुत कसकर चोटी बनाना बालों के लिए हानिकारक होता है। जड़ों पर लगातार खिंचाव पड़ता है, खासकर हेयरलाइन के पास बाल टूटने लगते हैं और धीरे-धीरे हेयर फॉल बढ़ सकता है। लंबे समय तक ऐसा करने से बाल पतले भी हो सकते हैं। इसके बजाय ढीली चोटी बनाना बेहतर है।
खुले बाल हमेशा सही नहीं
बालों को पूरी तरह खुला रखना भी सुरक्षित नहीं है। बाहर जाने पर हवा से फ्रिक्शन बढ़ता है, बाल उलझते हैं और टूटने का खतरा रहता है। धूल और प्रदूषण भी बालों में चिपकते हैं। इसलिए बाहर जाते समय बाल हल्के से बांध लें या स्कार्फ का इस्तेमाल करें।
क्लेचर क्लिप का इस्तेमाल करें
डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार रोज़मर्रा में क्लेचर क्लिप (claw clip) लगाना सबसे सुरक्षित और बेहतर विकल्प है। इससे बालों पर एक ही जगह ज्यादा दबाव नहीं पड़ता और पूरे सिर में प्रेशर बराबर बंटता है। न बाल ज्यादा खिंचते हैं और न टूटते हैं। साथ ही, यह स्टाइल आरामदायक होता है और बाल चेहरे पर नहीं आते।

लूज ब्रेड बनाना
अगर क्लेचर क्लिप उपलब्ध न हो, तो ढीली ब्रेड बनाना भी अच्छा विकल्प है। इससे बालों की जड़ों पर तनाव नहीं पड़ता, बाल उलझते नहीं हैं और दिनभर मैनेज करना आसान रहता है। विशेष रूप से सोते समय लूज ब्रेड बनाना बालों के लिए फायदेमंद माना जाता है।
डेली हेयरस्टाइल का टिप
डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह है कि रोज़ ऐसा हेयरस्टाइल चुनें जो आरामदायक हो और बालों पर ज्यादा खिंचाव न डाले। क्लेचर क्लिप या लूज ब्रेड अपनाकर आप हेयर फॉल को कम कर सकती हैं और बालों को लंबे समय तक हेल्दी रख सकती हैं।