जब वर्कआउट या दौड़ने जैसी फिजिकल एक्टिविटी के दौरान शरीर पर ज़ोर पड़ता है, तो दिल की धड़कन का नॉर्मल से तेज़ होना आम बात है। हालांकि, कई बार दिल की धड़कन असामान्य रूप से तेज़ महसूस हो सकती है, जिससे सीने में तेज़ दर्द हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार दिल का अचानक बहुत तेज़ धड़कने लगना (जिसे मेडिकल भाषा में Palpitations या Tachycardia कहते हैं) कई कारणों से हो सकता है। इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि कभी-कभी यह गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है।
दिल के अचानक तेज धड़कने के कारण
तनाव और एंग्जायटी: ज्यादा चिंता, घबराहट या पैनिक अटैक में शरीर एड्रेनालिन छोड़ता है, जिससे दिल की धड़कन तेज हो जाती है।
कैफीन और निकोटिन: ज्यादा चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक, स्मोकिंग या तंबाकू से दिल की रफ्तार अचानक बढ़ सकती है।
नींद की कमी: लगातार कम सोने से नर्वस सिस्टम प्रभावित होता है और हार्ट रेट बढ़ सकती है।
डिहाइड्रेशन (पानी की कमी): शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी से दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
हार्मोनल बदलाव: थायरॉइड की समस्या, प्रेग्नेंसी, मेनोपॉज या पीरियड्स के दौरान हार्मोन बदलाव दिल की धड़कन बढ़ा सकते हैं।
लो ब्लड शुगर या एनीमिया: खून की कमी या शुगर अचानक गिरने पर दिल तेजी से धड़क सकता है।
हार्ट से जुड़ी समस्याएं: अतालता (Arrhythmia), हार्ट वाल्व डिज़ीज़ या हार्ट इंफेक्शन में भी दिल बहुत तेज़ धड़क सकता है।
कुछ दवाइयों का असर: सर्दी-खांसी की दवाएं, अस्थमा इनहेलर या वजन घटाने की दवाएं भी ट्रिगर बन सकती हैं।
कब तुरंत डॉक्टर को दिखाएं?
अगर तेज धड़कन के साथ ये लक्षण हों तो देरी न करें
-सीने में दर्द
-चक्कर या बेहोशी
-सांस फूलना
-बहुत ज़्यादा पसीना
-धड़कन लंबे समय तक न रुके
बचाव के आसान उपाय
रोज़ 7–8 घंटे की नींद लें। जितना हो सके कैफीन और जंक फूड कम करें। पर्याप्त पानी पिएं और राजे हल्की एक्सरसाइज और प्राणायाम करें। तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन अपनाएं। अगर दिल की धड़कन बार-बार अचानक तेज होती है, तो ECG, BP और ब्लड टेस्ट