नारी डेस्क: गॉलब्लैडर (पित्ताशय) निकालने की सर्जरी के बाद ज़िंदगी खत्म नहीं होती, शरीर में कुछ अहम बदलाव ज़रूर होते हैं, जिनका ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है। गॉलब्लैडर निकालने के बाद थोड़े बदलावों की ज़रूरत होती है, ऐसे में सही खान-पान और लाइफस्टाइल से आप पूरी तरह स्वस्थ रह सकते हैं। चलिए आज हम आपको देत हैं इससे जुड़ी सही जानकारी
गॉलब्लैडर क्या काम करता है?
गॉलब्लैडर लीवर द्वारा बने पित्त (Bile) को स्टोर करता है, जो चर्बी (Fat) को पचाने में मदद करता है। जब गॉलब्लैडर निकाल दिया जाता है, तो पित्त सीधे आंतों में जाता है यहीं से शरीर में बदलाव शुरू होते हैं। इसके बाद भारी और तैलीय खाना पचाने में दिक्कत हो सकती है।

गॉलब्लैडर निकालने के बाद शरीर में होने वाले बड़े बदलाव
पाचन कमजोर हो सकता है: ऑपरेशन के बाद तला-भुना और ज्यादा फैटी खाना पचाने में दिक्कत हो सकती है। गैस, अपच और भारीपन की शिकायत भी रहती है।
दस्त या लूज़ मोशन की समस्या: कुछ लोगों को बार-बार पतली पॉटी आती है। क्योंकि पित्त सीधा आंत में जाती है।
पेट फूलना और गैस: खाना खाने के बाद ज्यादा मसालेदार या ऑयली खाने से समस्या बढ़ती है
वजन का बढ़ना या घटना: कुछ लोगों का वजन घटता है, कुछ का बढ़ जाता है (गलत खान-पान के कारण)

गॉलब्लैडर निकालने के बाद इस तरह रखें शरीर का ख्याल
कम फैट वाला खाना अपनाएं: तला-भुना, फास्ट फूड, घी-बटर कम खाएं। उबला, भाप में पका, हल्का खाना बेहतर है।
छोटे-छोटे मील लें: दिन में 5–6 बार थोड़ा-थोड़ा खाएं, एक बार में ज्यादा खाने से बचें
फाइबर धीरे-धीरे बढ़ाएं: ओट्स, दलिया, फल, सब्ज़ियाें को अपनी डाइट में शामिल करें। अचानक ज्यादा फाइबर लेने से गैस हो सकती है
इन चीज़ों से दूरी रखें: बहुत मसालेदार खाना, ज्यादा तेल, शराब और कोल्ड ड्रिंक्स
पानी भरपूर पिएं: दिन में 8–10 गिलास पानी दस्त और डिहाइड्रेशन से बचाव करते हैं।
हल्की एक्सरसाइज़: वॉक, योग पाचन और वजन कंट्रोल में मदद करते हैं।