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Nari

अब हर बात पर बच्चे को टोकना छोड़ दिया है पेरेंट्स ने, फॉलो कर रहे हैं Parenting का ये नया  ट्रेंड

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 05 Feb, 2026 04:56 PM
अब हर बात पर बच्चे को टोकना छोड़ दिया है पेरेंट्स ने, फॉलो कर रहे हैं Parenting का ये नया  ट्रेंड

नारी डेस्क: आजकल सोशल मीडिया और पेरेंटिंग डिस्कशंस में एक नया शब्द तेजी से वायरल हो रहा है FAFO Parenting। FAFO का मतलब है “F*** Around and Find Out”, यानी बच्चे को हर बात समझाने या बचाने के बजाय उसे उसके कर्मों के नतीजे खुद अनुभव करने देना। ऐसे में सवाल उठता है  क्या यह Gentle Parenting (जेंटल पेरेंटिंग) के दौर का अंत है? चलिए जानते हैं इस नए चलन के बारे में

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 FAFO पेरेंटिंग क्या है?

FAFO पेरेंटिंग में माता-पिता बच्चे को हर छोटी गलती से नहीं बचाते। उनका मानना है कि अगर बच्चा खुद परिणाम देखेगा, तभी असली सीख मिलेगी। उदाहरण के तौर पर अगर बच्चा होमवर्क नहीं करता, तो उसे डांटने के बजाय स्कूल में टीचर की डांट का सामना करने देना। अगर बच्चा ठंड में जैकेट नहीं पहनना चाहता, तो हल्की ठंड लगने का अनुभव करने देना (बिना खतरे के)।


Gentle Parenting से कैसे अलग है  FAFO ?

Gentle Parenting में  इमोशंस को वैलिडेट किया जाता है, बच्चे से बात करके समझाया जाता है, सजा की जगह सहानुभूति पर जोर होता है। जबकि FAFO Parenting में कम समझाना, ज्यादा अनुभव, नैचुरल कंसीक्वेन्स (Natural Consequences) पर फोकस। “हर बार बचाने” की आदत खत्म करना जैसी चीजों पर ध्यान दिया जाता ह। 

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 FAFO पेरेंटिंग क्यों हो रही है पॉपुलर?

ओवर-पेरेंटिंग से थकान:  कई माता-पिता को लगने लगा है कि ज्यादा सॉफ्ट अप्रोच से बच्चे जिद्दी और जिम्मेदारी से दूर हो रहे हैं।

रियल वर्ल्ड की तैयारी:   जिंदगी हर बार नरमी से पेश नहीं आती। FAFO पेरेंटिंग बच्चों को असल दुनिया के लिए तैयार मानती है।

पेरेंट्स की मानसिक शांति:  हर बात पर समझाना, मनाना और नेगोशिएट करना कई पेरेंट्स को इमोशनली थका देता है।


एक्सपर्ट्स की राय

बाल मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि न तो सिर्फ Gentle Parenting सही है और न ही पूरी तरह FAFO। दोनों के बीच संतुलन जरूरी है अगर बच्चा खतरे में पड़ सकता हैतो FAFO गलत हो सकता है। वहीं हर बात पर इमोशनल कुशन देना भी बच्चे को कमजोर बना सकता है। ऐसे में सही रास्ता यह है कि  बच्चे की उम्र और समझ के हिसाब से निर्णय लें। सुरक्षा से जुड़े मामलों में FAFO न अपनाएं।  छोटी-छोटी गलतियों में बच्चे को सीखने दें।  इमोशन को समझें, लेकिन जिम्मेदारी भी सिखाएं। 


बच्चों को मजबूत बनाने की जरूरत

असल में पेरेंटिंग का ट्रेंड Extreme से Balance की ओर जा रहा है। आज के पेरेंट्स यह समझ रहे हैं कि इमोशनल सपोर्ट जरूरी है लेकिन हर गलती से बचाना भी सही नहीं। FAFO पेरेंटिंग जेंटल पेरेंटिंग का अंत नहीं, बल्कि उसका एक सख्त रूप है। आज की जरूरत हैस्मार्ट पेरेंटिंग, जहां प्यार, समझ और अनुभव – तीनों का सही संतुलन हो। अच्छे पेरेंट वो नहीं जो हर बार बचाएं, बल्कि वो हैं जो बच्चे को मजबूत बनाएं।

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