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Mother's Day Special: देश की वारियर्स मदर्स जिन्होंने ममता और ड्यूटी को निभाया बखूबी

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 10 May, 2020 12:46 PM
Mother's Day Special: देश की वारियर्स मदर्स जिन्होंने ममता और ड्यूटी को निभाया बखूबी

मां अपने बच्चों के लिए कुछ भी कर गुजरती है। मां का रिश्ता अपने बच्चों से बेहद खास होता है। एक औरत मां के साथ साथ और भी बहुत सारी जिम्मेदारियां निभाती है और अपनी ममता के साथ साथ जब वो बाकी काम भी करती है तो वो वॉरियर्स मदर बन जाती है। आज मदर्स डे के दिन आपको कुछ ऐसी ही वॉरियर्स मदर्स से मिलवाते है जो इन दिनों कोरोना जैसे संकट के साथ साथ अपने बच्चों को भी संभाल रही है और अपनी सामाजिक जिम्मेदार भी बखूबी निभा रही है। 

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इसमें सबसे पहला नाम है वॉरियर नर्स विनोथिनी का.. 
ये केस है तमिलनाडु का जहां एक नर्स 8 महीने की प्रेग्नेंट होने के बावजूद भी मरीजों की मदद के लिए 250 किलोमीटर का सफर करके अस्पताल पहुंची। नर्स 8 महीने की प्रेग्नेंट थी लेकिन उसने बिना कुछ सोचे कोरोना संक्रमितों की मदद के लिए इतना  सफर पार किया और अपनी जिम्मेदारी निभाने आई। 

25 साल की विनोथिनी तमिलनाडु के तिरुचि में एक प्राइवेट हॉस्पिटल में सेवारत थी। 1 अप्रैल को जब विनोथिनी को रामनाथपुरम के स्वास्थ्य सेवा के संयुक्त निदेशक का कॉल आया तो उसने मरीजों की मदद करने का मन बनाया और तिरुचि से रामनाथपुरम तक का सफर किया, जो कि 250 किलोमीटर लंबा था। 

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इसमें अगला नाम है मदर वॉरियर आईएएस श्रीजाना गुममाला का जो असल में कोरोना महामारी में एक वारियर बन कर सामने आई है। 
श्रीजना ने अपने बच्चे के जन्म के बाद छुट्टी लेने की नही सोची बल्कि अपने 22 दिन के बच्चे के साथ ही ड्यूटी पर लौट आई। मेटरनिटी लीव पर होने के बावजूद उन्होंने कोरोना संकट से निपटने के लिए अपनी छुट्टी कैंसिल कर दी। श्रीजना अपने दोनो फर्ज को अच्छे से निभा रही है वे हर चार घण्टे में अपने बच्चे के पास जाती हैं ताकि उसे दूध पिला सकें।

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इसमें अगला नाम है कॉन्स्टेबल चित्रलेखा का.. उतर प्रदेश की ये महिला कांस्टेबल भी मदर वारियर है वे अपनी ड्यूटी के साथ साथ अपने एक साल के बच्चे को भी संभाल रही है इतना ही नही वे अपने एक साल के बच्चे को अकेला छोड़ने की बजाए साथ ही ड्यूटी पर आ रही हैं। 
ये वारियर मदर उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की है जो कि बतौर महिला कॉन्स्टेबल के रूप में काम करती है। चित्रलेखा वर्दी की जिम्मेदारी के साथ साथ एक मां की जिम्मेदार भी बखूबी निभा रही हैं। उनकी ड्यूटी मैनपुरी के बाईपास रोड पर चेकिंग में लगाई गई है। ऐसे में एक साल के अपने छोटे से बेटे को अपनी गोद में लिए महिला कांस्टेबल ड्यूटी करती हैं।

हम इन वारियर मदर्स के जज्बे को सलाम करते है।

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