
नारी डेस्क: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से प्रतिष्ठित मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद भारतीय पिस्टल स्टार मनु भाकर ने कहा- 'सबसे बड़ा सम्मान यह है कि मुझे हमेशा खेल रत्न पुरस्कार विजेता के रूप में जाना जाएगा'। हालांकि इस समारोह के दौरान उनसे एक गलती हो गई। अब मनु भाकर का वह वीडियो सोशलम मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
22 वर्षीय मनु ने 2024 पेरिस ओलंपिक में इतिहास रचा था, वह स्वतंत्रता के बाद एक ही ओलंपिक संस्करण में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गई। उसने पेरिस ओलंपिक में अपना पहला पदक जीता जब उसने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य पदक जीता। कुछ ही दिनों बाद, उसने सरबजोत सिंह के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। इसी उपलब्धि के लिए उन्हें शुक्रवार को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2024 के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से प्रतिष्ठित मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
दरअसल राष्ट्रपति मुर्मू के पास जाने से ठीक पहले मनु अपनी जगह पर खड़ी थीं। जब उनकी उपलब्धियां पढ़ी जा रही थीं, तो भाकर ने कुछ कदम आगे बढ़ाए, लेकिन उन्हें एहसास हुआ कि उद्घोषक ने अभी बात खत्म नहीं की है। अपनी गलती का एहसास होते ही वह रूक गई, उनके चेहरे पर एक मुस्कान आ गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर लोगों की अलग- अलग प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं। ज्यादातर लोग उनकी मासूमियत की तारीफ कर रहे हैं।
रत्न पुरस्कार मिलने के बाद मनु से कहा- "खेल रत्न एक बड़ा सम्मान है, सबसे बड़ा सम्मान यह है कि मुझे हमेशा खेल रत्न पुरस्कार विजेता के रूप में जाना जाएगा। इस तरह के पुरस्कार और सम्मान मुझे हमेशा देश के लिए और अधिक पदक जीतने के लिए प्रेरित करेंगे,"। मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान है।