नारी डेस्क: फैटी लिवर तब होता है जब लिवर की कोशिकाओं में अधिक मात्रा में फैट जमा हो जाता है। थोड़ी मात्रा में फैट सामान्य है, लेकिन जब यह बढ़ जाता है तो लिवर ठीक से काम नहीं कर पाता और यह गंभीर बीमारी का रूप ले सकता है। लिवर शरीर में खाने को पचाने, ऊर्जा स्टोर करने और खून से टॉक्सिन्स निकालने का काम करता है। इसलिए फैटी लिवर होने पर डाइट और लाइफस्टाइल का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है।
फैटी लिवर में क्या खाना चाहिए
हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, ब्रोकली, मेथी जैसी हरी सब्जियां लिवर के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं। इनमें क्लोरोफिल और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो लिवर में जमा फैट को कम करने में मदद करते हैं।

साबुत अनाज
ओट्स, दलिया और ब्राउन राइस जैसे साबुत अनाज कम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स और फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। ये वजन नियंत्रित रखने और लिवर की सेहत सुधारने में मदद करते हैं।
ओमेगा-3 फैटी एसिड्स वाले खाद्य पदार्थ
अखरोट, अलसी के बीज और मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स पाए जाते हैं। ये हेल्दी फैट्स लिवर में जमा अनहेल्दी फैट को कम करने में सहायक होते हैं।
ग्रीन टी और ब्लैक कॉफी
ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन लिवर फंक्शन को बेहतर बनाता है और फैट कम करने में मदद करता है। वहीं, बिना चीनी वाली ब्लैक कॉफी पीने से भी लिवर को फायदा होता है।

इन चीजों से परहेज करें
फैटी लिवर के मरीजों को मीठी चीजें, मिठाई, शुगरी ड्रिंक्स, सोडा, कोल्ड ड्रिंक, शराब, तला-भुना खाना, जंक फूड, ब्रेड, पास्ता, मैदे के उत्पाद और बिस्कुट जैसी चीजें बिल्कुल नहीं खानी चाहिए। ये सभी लिवर में फैट बढ़ाने का काम करती हैं।
फैटी लिवर का ट्रीटमेंट और लाइफस्टाइल टिप्स
लिवर में हल्का फैट होने पर वजन कम करना जरूरी होता है। अगर लिवर में सूजन हो तो 10 किलो से ज्यादा वजन घटाने की सलाह दी जाती है। वजन को अचानक कम करने की बजाय धीरे-धीरे बदलाव करना फायदेमंद होता है। कार्बोहाइड्रेट्स कम खाने की सलाह दी जाती है। रोजाना एक्सरसाइज करना जरूरी है, जैसे ब्रिस्क वॉक, साइकलिंग, एरोबिक्स या योग। डॉक्टर की सलाह पर विटामिन E और ओमेगा-3 सप्लीमेंट्स दिए जा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाइयां भी दी जाती हैं।
इस डाइट और सही लाइफस्टाइल को अपनाने से फैटी लिवर में जमा अनहेल्दी फैट धीरे-धीरे कम होता है और लिवर फिर से स्वस्थ रहने लगता है।