24 JANSATURDAY2026 8:24:11 PM
Nari

11000 फीट की ऊंचाई पर हुआ था चमत्कार, 74 यात्री जिंदा बचे, सिर्फ हमलावर की मौत

  • Edited By Priya Yadav,
  • Updated: 24 Jan, 2026 05:56 PM
11000 फीट की ऊंचाई पर हुआ था चमत्कार, 74 यात्री जिंदा बचे, सिर्फ हमलावर की मौत

नारी डेस्क: दस साल पहले, 2 फरवरी 2016 को एक खौफनाक हमला हुआ था, जो चमत्कार के रूप में याद किया जाता है। उस दिन, डैलो एयरलाइंस की फ्लाइट 159 मोगादिशु से जिबूती जा रही थी, जब प्लेन के अंदर एक सोमाली आत्मघाती हमलावर ने बम धमाका कर दिया। हैरानी की बात यह थी कि इस हमले में केवल हमलावर की मौत हुई और फ्लाइट में मौजूद 74 यात्री सुरक्षित रहे।

हमलावर की पहचान

संदिग्ध हमलावर अब्दुल्लाही अब्दिसलाम बोरलेह था, जो सोमालिया का नागरिक था। उसने अपने साथ विस्फोटक से भरा लैपटॉप फ्लाइट में ले गया था। CNN के सूत्रों के अनुसार, हमलावर को पहले से पता था कि कहाँ बैठना है और डिवाइस को कहाँ रखना है ताकि ज्यादा नुकसान हो सके।

धमाका कब और कैसे हुआ

BBC की रिपोर्ट के अनुसार, धमाका टेकऑफ के लगभग 15 मिनट बाद हुआ, जब प्लेन लगभग 11,000 फीट (3,350 मीटर) की ऊंचाई पर था और केबिन पूरी तरह प्रेशराइज नहीं हुआ था।

विमान को हुए नुकसान और इमरजेंसी लैंडिंग

अल जजीरा की रिपोर्ट में बताया गया कि धमाके से एयरबस A321 के किनारे पर लगभग 1 मीटर का छेद हो गया। हमलावर की मौत के बाद, पायलट ने प्लेन को मोगादिशु में इमरजेंसी लैंडिंग कराई।

PunjabKesari

ये भी पढ़ें:   Vampire Teeth: दुबई में ट्रेंड बन रहा नया शौक, इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहा है वीडियो

हमले की जिम्मेदारी

सोमालिया के आतंकवादी संगठन अल-शबाब ने इस हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि उनका लक्ष्य पश्चिमी अधिकारी और तुर्की NATO सेना थे। एक ईमेल बयान में ग्रुप ने लिखा कि यह हमला पश्चिमी धर्मयुद्धकर्ताओं और उनकी इंटेलिजेंस एजेंसियों द्वारा सोमालिया के मुसलमानों के खिलाफ अपराधों का बदला था।

हमलावर का असली लक्ष्य

डैलो एयरलाइंस के हेड मोहम्मद इब्राहिम यासीन ओलाद ने बताया कि हमलावर असल में टर्किश एयरलाइंस की फ्लाइट में चढ़ने वाला था, लेकिन वह फ्लाइट कैंसिल हो गई थी। उस दिन, डैलो एयरलाइंस के 74 यात्री असल में टर्किश एयरलाइंस के लिए चेक-इन कर रहे थे। तेज हवा के कारण टर्किश फ्लाइट मोगादिशु से नहीं आ पाई, इसलिए इन यात्रियों को डैलो एयरलाइंस ने जिबूती तक पहुँचाया।

न्यायिक कार्रवाई

मिली जानकारी के अनुसार, मई 2016 में सोमालिया की मिलिट्री कोर्ट ने इस बम हमले की योजना बनाने के आरोप में दो लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई। BBC के अनुसार, एक महिला सहित आठ अन्य लोगों को छह महीने से चार साल तक की जेल की सजा दी गई।

इस घटना को आज भी ‘चमत्कारिक बचाव’ के रूप में याद किया जाता है क्योंकि इतने बड़े धमाके के बावजूद सारे यात्री सुरक्षित रहे और केवल हमलावर की मौत हुई।   

Related News