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Health Alert! दिल की बीमारियों की वजह बन सकती है आपकी लग्जरी कार!

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 05 Dec, 2019 09:25 AM
Health Alert! दिल की बीमारियों की वजह बन सकती है आपकी लग्जरी कार!

जहां पहले लोग मीलों दूर जाने के लिए भी बैलगाड़ी या पैदल सफर करते थे वहीं आजकल छोड़ी दूर जाने के लिए भी लोग बाइक, कार का यूज करते हैं। मगर आप शायद यह नहीं जानते कि आपकी लग्जरी कार आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकती है। ऐसा हम नहीं बल्कि हाल ही में हुए एक शोध में कहा गया है। अगर आपको लगता है कि कार में बैठने के बाद आप बाहर की जहरीली हवा से खुद को बचाकर बीमारियों से बच सकते हैं तो आप गलत है क्योंकि आप कार भी आपके लिए सुरक्षित नहीं है। चलिए आपको बताते हैं कि कैसे आपकी लग्जरी कार आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकती है...

 

एयर कंडीशनर

अक्सर लोग कार में बैठकर एसी में बैठे रहते हैं लेकिन लंबे समय तक एसी में बैठे रहने से इम्यून सिस्टम खराब हो जाता है, जिससे आप बीमार पड़ सकते हैं। ऐसे में बेहतर होगा कि आप ज्यादा देर कार में एसी चलाकर ना बैठें।

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प्रदूषण भी है वजह

दूसरी कार से निकलने वाले धुएं के अलावा आपकी खुद की कार से निकलने वाला प्रदूषण भी आपकी सेहत बिगाड़ सकता है इसलिए कार में बैठकर खुद को सुरक्षित ना समझें।

बनता था इंफेक्शन की वजह

अब रोजाना तो कार की सफाई कोई नहीं करता। ऐसे में कार के दरवाजे, स्टेरिंग व्हील, ड्राइविंग सीट और डिग्गी में कीटाणु जमा हो जाता है। हाथ लगाने से ये जर्म्स शरीर के अंदर पहुंच जाते हैं और इंफेक्शन का कारण बनते हैं। अगर बीमारियों से बचना है तो हफ्ते में 3-4 बार कार की अच्छी तरह सफाई करें।

खान-पान की गलत आदतें

ऑफिस के बिजी शेड्यूल की वजह से अक्सर कार में ही खाना खा लेते हैं, ताकि समय की बचत हो जाए। मगर आपकी यह गलत आदत कार में बीमारी फैलाने वाले बैक्टीरिया पैदा करती हैं। ऐसे में हमेशा कार से बाहर आकर ही खाना खाएं।

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कार के अंदर भी होता है प्रदूषण

शोध के मुताबिक, कार के केबिन में कुछ हानिकारक कणों की मात्रा ज्यादातर उच्च स्तर की होती है, जो आपको बीमार कर सकती हैं इसलिए जितना हो सके कार का कम से कम इस्तेमाल करें।

तनाव का कारण

तनाव, डिप्रेशन और अन्य मानसिक समस्याएं आज भारत की सबसे बड़ी परेशानियां बन गई है, जिसका एक कारण आपकी कार भी है। दरअसल, ऑफिस से घर आते समय ज्यादातर लोग कैब या कार का यूज करते हैं। वहीं अगर ट्रैफिक हो तो उन्हें और भी ज्यादा समय लग जाता है।  इससे धीरे-धीरे फ्रस्ट्रेशन बढ़ता है और आप डिप्रेशन की तरफ बढ़ने लगते हैं।

दिल के रोगों का खतरा

इस अध्ययन के निष्कर्ष के मुताबिक कारों के अंदर मौजूद प्रदूषण में ऐसे केमिकल्स होते हैं, जो ऑक्सीडेटिव तनाव पैदा करते हैं। इससे सांस और दिल के रोग, कैंसर और कुछ प्रकार की न्यूरो-डीजेनेरेटिव रोग पैदा हो सकते हैं।

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