
नारी डेस्क : सर्दियों का मौसम आते ही शरीर में सुस्ती, आलस और काम टालने की आदत बढ़ जाती है। देर तक रजाई में पड़े रहना, कम चलना-फिरना और बाहर निकलने से बचना आम हो जाता है। लेकिन डॉक्टरों और हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो सर्दियों का यही आलस कई गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकता है। अगर समय रहते अपनी आदतें नहीं बदलीं, तो इसका असर सेहत पर भारी पड़ सकता है।
सर्दियों में आलस क्यों बढ़ता है?
ठंड के मौसम में शरीर की ऊर्जा खपत कम हो जाती है। धूप कम मिलने, ठंडी हवा और कम एक्टिविटी की वजह से शरीर सुस्त महसूस करता है। इसी कारण लोग एक्सरसाइज छोड़ देते हैं और दिनभर बैठे-बैठे रहना पसंद करते हैं।

आलस से कौन-कौन सी बीमारियां बढ़ सकती हैं?
लगातार निष्क्रिय रहने से शरीर में कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
जैसे, वजन तेजी से बढ़ना
डायबिटीज का खतरा
हाई ब्लड प्रेशर
जोड़ों और पीठ दर्द
पाचन कमजोर होना
इम्युनिटी कम होना
डिप्रेशन और मूड स्विंग्स
डॉक्टर बताते हैं कि सर्दियों में एक्टिव न रहने से हार्ट और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

इम्युनिटी पर पड़ता है सीधा असर
सर्दियों में पहले ही सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल इंफेक्शन का खतरा रहता है। अगर आप आलस में पड़े रहते हैं और शरीर को एक्टिव नहीं रखते, तो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे आप बार-बार बीमार पड़ सकते हैं।
आज से ही बदलें ये आदतें
अगर आप सर्दियों में भी खुद को फिट और हेल्दी रखना चाहते हैं, तो इन आदतों को आज से ही अपनाएं।
रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक या हल्की एक्सरसाइज करें
सुबह की धूप जरूर लें
ज्यादा देर तक बिस्तर पर न पड़े रहें
हल्का और गर्म भोजन करें
गुनगुना पानी पिएं
योग और स्ट्रेचिंग को रूटीन में शामिल करें।

सर्दियों का आलस देखने में भले ही आरामदायक लगे, लेकिन यही आदत धीरे-धीरे शरीर को बीमारियों का घर बना सकती है। अगर आप लंबे समय तक स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो आज से ही अपनी दिनचर्या में बदलाव करें। याद रखें, थोड़ी-सी एक्टिवनेस आपको बड़ी बीमारियों से बचा सकती है।