
नारी डेस्क : बच्चों में अक्सर दांत पीसने (Teeth Grinding / Dant Pisna) की समस्या देखी जाती है। माता-पिता कई बार बच्चे को डांट-डपट देते हैं, लेकिन यह आदत आसानी से नहीं जाती। तो क्या यह आम समस्या है या किसी गंभीर बीमारी का संकेत? डॉक्टरों के अनुसार बच्चों के दांत पीसने की आदत के पीछे कई कारण हो सकते हैं और इसे समय रहते सही तरीके से रोकना जरूरी है।
बच्चे दांत क्यों पीसते हैं?
स्ट्रेस और एंग्जाइटी (Stress and anxietyare) : तनाव या घबराहट की वजह से बच्चे अक्सर दांत पीसते हैं।
ADHD या सेरेब्रल पाल्सी: कुछ विशेष स्थिति वाले बच्चों में भी यह देखा जा सकता है।
दांतों की असमानता: यदि बच्चे के दांत सीधे नहीं हैं, टेढ़े-मेढ़े हैं, तो भी यह समस्या हो सकती है।
स्लीप डिसॉर्डर (Sleep disorders): जैसे स्लीप एपनिया में भी दांत पीसने की आदत हो सकती है।
डॉक्टर बताते हैं कि यह आदत अगर समय रहते नियंत्रित न की जाए, तो आगे चलकर दांत और जबड़े की समस्याओं का कारण बन सकती है।

दांत पीसने की आदत को कैसे रोकें
स्क्रीन टाइम कम करें: सोने से 2–3 घंटे पहले बच्चे को टीवी, फोन या अन्य स्क्रीन से दूर रखें।
रिलैक्सेशन तकनीक: रोजाना बच्चे को डीप ब्रीदिंग, स्ट्रेचिंग और योग जैसी एक्टिविटीज कराएं।
तनाव की वजह खोजें: अगर बच्चा स्ट्रेस या एंग्जाइटी महसूस कर रहा है, तो उसके कारण को समझें और हल ढूंढें।
डाइट में बदलाव: कैफिनेटेड और शुगर वाली ड्रिंक्स को हटा दें, खासकर सोने से पहले।
पर्याप्त नींद: बच्चे को रोजाना कम से कम 8 घंटे की नींद सुनिश्चित करें।

कब डॉक्टर के पास जाना जरूरी है
यदि बच्चे के दांत घिसे हुए हैं, जबड़े में दर्द हो रहा है, या सुबह मुंह खोलने में परेशानी हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर डेंटिस्ट या पेडियाट्रिक डॉक्टर से मिलना जरूरी है।