
नारी डेस्क: डी बियर्स ग्रुप के CEO अल कुक भारत को नेचुरल डायमंड्स के लिए एक ब्राइट स्पॉट मानते हैं, क्योंकि बढ़ती डिमांड, बढ़ती उम्मीदें और ज़्यादा डिस्पोजेबल इनकम कंज्यूमर्स को इस कैटेगरी की ओर खींच रही हैं। लैब-ग्रोन डायमंड्स के सस्ते विकल्प के तौर पर मार्केट में आने के बावजूद कुक - जो इस हफ़्ते आठ महीनों में दूसरी बार भारत आए थे - कहते हैं कि घरेलू कंज्यूमर्स अपनी पसंद को लेकर समझदार हैं। विवेक सुसान पिंटो के साथ एक इंटरव्यू में, उन्होंने भारत के लिए डी बियर्स की प्राथमिकताओं और इसकी रिटेल स्ट्रेटेजी के बारे में बताया।
भारत में काटे जाते हैं 90% हीरे
CEO ने कहा- दुनिया भर में उथल-पुथल के बावजूद, भारत मज़बूती से आगे बढ़ रहा है। हमें उम्मीद है कि 2025 तक GDP ग्रोथ लगभग 7% रहेगी। अस्थिरता के समय में भारत को तेज़ी से ग्लोबल स्थिरता के स्रोत के रूप में देखा जा रहा है। हीरे सबसे पहले 2,500 साल से भी पहले भारत में खोजे गए थे, और यह विरासत आज भी जारी है - दुनिया के लगभग 90% हीरे यहीं काटे और पॉलिश किए जाते हैं। हम अभी जो देख रहे हैं, वह भारत के ऐतिहासिक महत्व और दुनिया में बढ़ते दबदबे का एक ज़बरदस्त मेल है। हम देख रहे हैं कि नेचुरल डायमंड की सबसे ज़्यादा डिमांड भारत से आ रही है।
भारत दूसरा सबसे बड़ा हीरे का बाजार
अल कुक का कहना है कि- भारत में घरेलू डिमांड बहुत मज़बूत बनी हुई है पिछले साल लगभग 11% की ग्रोथ हुई, जो लगातार चार सालों तक डबल-डिजिट ग्रोथ दिखाती है। हमें उम्मीद है कि इस दशक के आखिर (2030) तक भारतीय डायमंड मार्केट का साइज़ लगभग दोगुना हो जाएगा, जो अभी के $10 बिलियन के मुकाबले $20 बिलियन हो जाएगा। उन्होंने कहा- सदियों से हीरे भारत से आते थे और भारत के लिए होते थे। अब वे तेज़ी से भारत जा भी रहे हैं और भारत के लिए ही हैं। कई मायनों में हीरे घर वापस आ रहे हैं और भारत अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा हीरे का बाज़ार है।
क्यों तजी से बढ़ा भारतीय डायमंड बाजार?
भारत में, शादियों, त्योहारों में लग्ज़री ज्वेलरी की मांग लगातार बढ़ रही है। खासकर युवा वर्ग में डायमंड ज्वेलरी का ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हुआ है। लोग गोल्ड के साथ-साथ डायमंड में भी निवेश करने लगे हैं सोलिटेयर और लाइटवेट डायमंड ज्वेलरी की डिमांड बढ़ी है। De Beers के अनुसार, युवा ग्राहक डायमंड को स्टेटस सिंबल और इमोशनल वैल्यू दोनों मानते हैं। इंगेजमेंट रिंग्स और गिफ्टिंग में डायमंड की मांग बढ़ी है। डायमंड कटिंग और पॉलिशिंग का ग्लोबल हब है। इससे लागत कम होती है और सप्लाई मजबूत रहती है

दुनिया में भारत सबसे आगे
De Beers की रिपोर्ट के मुताबिक, जहां कई देशों में डायमंड मार्केट की ग्रोथ धीमी रही, वहीं भारत ने 11% की बढ़त के साथ ग्लोबल लीडरशिप हासिल की। 2025 में भारत का डायमंड मार्केट सबसे तेज़ बढ़ा। घरेलू मांग और युवा खरीदार इसकी बड़ी वजह बने ( भारत ग्लोबल डायमंड इंडस्ट्री में और मजबूत हुआ। यह ट्रेंड दिखाता है कि आने वाले सालों में भारतीय डायमंड बाजार और भी चमकने वाला है।