
नारी डेस्क: ज़्यादा शराब पीने से आपकी सेहत को नुकसान हो सकता है चाहे कुछ भी हो जाए। ऐसे में PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) की दवाओं के साथ शराब पीना सुरक्षित है या नहीं? यह सवाल कई महिलाओं के मन में रहता है, खासकर तब जब वे बर्थ कंट्रोल पिल्स या हार्मोनल दवाएं ले रही हों। आइए, स्त्री रोग विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर समझते हैं पूरी बात

पीसीओएस में कौन-सी दवाएं दी जाती हैं?
पीसीओएस में आमतौर र्थ कंट्रोल पिल्स (हार्मोन बैलेंस और पीरियड्स नियमित करने के लिए), मेटफॉर्मिन (इंसुलिन रेजिस्टेंस के लिए) हार्मोनल सप्लीमेंट्स दी जाती हैं। इनका मकसद हार्मोन को संतुलित करना, मुंहासे/अनियमित पीरियड्स कम करना और ओव्यूलेशन सुधारना होता है। नेशनल सेंटर फ़ॉर हेल्थ स्टैटिस्टिक्स (NCHS) के मुताबिक, 2015 से 2017 तक 15 से 49 साल की लगभग 65% महिलाओं ने बर्थ कंट्रोल का इस्तेमाल किया। बर्थ कंट्रोल का मुख्य मकसद अनचाही प्रेग्नेंसी को रोकना है। हालांकि इसे हैवी या दर्दनाक पीरियड्स, मुंहासों और एंडोमेट्रियोसिस या पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) जैसी हेल्थ प्रॉब्लम में मदद कर सकती हैं।
क्या बर्थ कंट्रोल पिल्स के साथ शराब पी जा सकती है?
बहुत सीमित मात्रा में शराब आमतौर पर खतरनाक नहीं मानी जाती, लेकिन नियमित या ज्यादा शराब पीना नुकसानदेह हो सकता है। शराब लिवर पर दबाव डालती है, और बर्थ कंट्रोल पिल्स भी लिवर से ही मेटाबोलाइज होती हैं। ज्यादा शराब पीने से दवा का असर कम या अनियमित हो सकता है। हार्मोनल असंतुलन बढ़ सकता है, जिससे पीसीओएस के लक्षण बिगड़ सकते हैं।

पीसीओएस + शराब से बढ़ती हैं ये समस्याएं
स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार, पीसीओएस में शराब पीने से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ सकता है। वजन बढ़ने का खतरा रहता है, मुंहासे और हेयर फॉल जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। पीरियड्स फिर से अनियमित हो सकते हैं और थकान, सिरदर्द और मूड स्विंग्स ज्यादा महसूस हो सकते हैं। इसके अलावा शराब और मेटफॉर्मिन साथ लेने से लो ब्लड शुगर का खतरा बढ़ जाता है। दुर्लभ मामलों में लैक्टिक एसिडोसिस जैसी गंभीर स्थिति का जोखिम भी बढ़ जाता है। इसलिए डॉक्टर अक्सर मेटफॉर्मिन लेने वालों को शराब से बचने की सलाह देते हैं।
डॉक्टर की सलाह
अगर पूरी तरह छोड़ना मुश्किल हो, तो विशेषज्ञ ये सुझाव देते हैं कि हफ्ते में 1 ड्रिंक से ज्यादा न लें, खाली पेट शराब न पिएं, खूब पानी पिएं। जिस दिन शराब पी है उस दिन दवा लेने का समय न बदलें। अगर चक्कर, उलटी या असहजता हो तो तुरंत शराब बंद करें। , स्त्री रोग विशेषज्ञों का कहना है कि हर महिला का पीसीओएस अलग होता है। दवा की डोज, शरीर की प्रतिक्रिया और लाइफस्टाइल के हिसाब से शराब का असर बदल सकता है। इसलिए पीसीओएस की दवाओं के साथ शराब लेने से पहले अपने गाइनेकोलॉजिस्ट से सलाह जरूर लें