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एक जिस्म दो जानः जन्म से जुड़े भाईयों को मां-बाप ने ठुकराया, अब पंजाब सरकार ने दी Govt Job

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 24 Dec, 2021 02:02 PM
एक जिस्म दो जानः जन्म से जुड़े भाईयों को मां-बाप ने ठुकराया, अब पंजाब सरकार ने दी Govt Job

क्रिसमस का मौका हर किसी के लिए खुशियां लेकर आता है।  वहीं, इस मौके पर पंजाब, अमृतसर के रहने वाले जुड़वा भाई सोहना और मोहना को भी एक खास तोहफा मिला है। दरअसल, उन्हें पंजाब सरकार की और से सरकारी नौकरी मिल गई है, जिससे वो जिंदगी आराम से बिता सकते हैं।

जन्म से जुड़े दो भाईयों को क्रिसमस गिफ्ट

19 साल के सोहना और मोहना बचपन से एक-दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं। हालांकि इनके चेहरे, हाथ दो-दो हैं लेकिन शरीर एक ही है। जीवन में कुछ कर दिखाने के इरादे से ना सिर्फ उन्होंने मन लगाकर पढ़ाई की बल्कि पंजाब स्टेट पॉवर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) में नौकरी भी भरी, जिसके लिए अब उन्हें सिलेक्ट कर लिया गया है।

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पंजाब सरकार ने दी सरकारी नौकरी

बता दें कि दोनों डेंटल कॉलेज के पास बने बिजलीघर में बतौर रेगुलर टी मैट (मेंटेनेंस कर्मचारी) काम करेंगे। उन्हें 11 दिसंबर 2021 को अपॉइंटमेंट लेटर दे दिया गया था। बुधवार को दोनों भाई PSPCL में भर्ती हो गए है लेकिन फिलहाल उनकी ड्यूटी सप्लाई कंट्रोल रूम में लगाई गई है।

पंजाब सरकार का किया धन्यवाद

दोनों भाईयों का कहना है, हम नौकरी पाकर बहुत खुश हैं और हमने 20 दिसंबर को ज्वॉइन किया है। हम पंजाब सरकार और पिंगलवाड़ा संस्थान को धन्यवाद देते हैं, जिसने हमें यहां तक पहुंचने के लिए स्कूली शिक्षा दी।'

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20 हजार रुपए मिलेगी शुरूआती सैलरी

खबरों के मुताबिक, सोहना की शुरुआती सैलरी 20 हजार रुपए हैं जबकि मोहना भाई के साथ मिलकर सेवा करेगा। बता दें कि दोनों को नौकरी देने की बात कैप्टन अमरिंदर सरकार के समय से ही चली रही है लेकिन उनके इस्तीफा देने के बाद बात ठप पड़ गई लेकिन जब फाइल चरणजीत सिंह चन्नी तक पहुंची तो उन्होंने इसे आगे बढ़ा दिया, जिसके बाद सोहना को अब नौकरी मिल गई है।

मां-बाप ने छोड़ा साथ

14 जून 2003 को नई दिल्ली के सुचेता कृपलानी अस्पताल में जन्मे सोहना-मोहना के माता-पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। गरीबी के कारण उनके माता-पिता ने उन्हें छोड़ दिया। फिर डॉक्टरों ने पिंगलवाड़ा चैरिटेबल सोसाइटी से से सपंर्क किया और उन्हें वहां भेज दिया। 2003 में स्वतंत्रता दिवस पर दोनों को रहने के लिए एक घर भी मुहैया करवाया गया। चूंकि वह दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं इसलिए डॉक्टरों ने उन्हें अलग ना करने का फैसला किया। अब नौकरी मिलने के बाद दोनों अपना पालन-पोषण अच्छी तरह कर पाएंगे।

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