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ये 3 नेचुरल इलाज याद रख लें, पूरी उम्र नहीं होगा गठिए व जोड़ों का दर्द

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 24 Dec, 2021 10:31 AM
ये 3 नेचुरल इलाज याद रख लें, पूरी उम्र नहीं होगा गठिए व जोड़ों का दर्द

सर्दियों में अक्सर देखने को मिलता है कि गठिया व जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ जाती है। कुछ लोगों को तो इस कद्र दर्द रहता है कि उठना-बैठना भी मुश्किल हो जाता है। जब स्थिति तब पैदा होती है जब जोड़ों में मौजूद कार्टिलेज धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होने लगते हैं। कुछ लोग इसके लिए दवा भी खाते हैं। बता दें कि इस बीमारी को जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता है लेकिन आप इसे कंट्रोल जरूर कर सकते हैं। ज्यादा का ज्यादा सेवन शरीर को नुकसान पहुंचाता है। ऐसे में क्यों ना गठिया कंट्रोल करने के लिए घरेलू नुस्खों का सहारा लिया जाए।

लहसुन होता है फायदेमंद

लहसुन की तासीर गर्म होती है, जो ना सिर्फ सर्दियों में शरीर को अंदर से गर्म रखता है बल्कि जोड़ों के दर्द से आराम भी दिलाता है। इसके लिए सुबह खाली पेट 2-3 लहसुन की कलियां खाएं। आप इसे शहद में भिगोकर भी खा सकते हैं।

मेथी भी है लाभकारी

रातभर मेथी दाना को भिगोकर सुबह खाली पेट खाएं। आप चाहे तो 2 चम्मच मेथी दाना को पानी में उबालकर चाय की तरह भी पी सकते हैं। इसकी तासीर गर्म होती है जिससे जोड़ों में दर्द की समस्या नहीं होती।

धनिया भी है गुणकारी

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर धनिया भी गठिया रोग में फायदेमंद हैं। इसके लिए 1 चम्मच साबुत धनिया पाउडर को गुनगुने गर्म पानी में डालकर खाएं। इससे सर्दियों में जोड़ दर्द से भी आराम मिलेगा और साथ ही इम्यूनिटी भी बूस्ट होगी।

कैसा हो आपका खानपान

बीमारी को कंट्रोल करने के लिए सिर्फ घरेलू नुस्खे ही काफी नहीं है। इसके लिए आपको सही डाइट भी लेनी होगी। इसके लिए डाइट में हरी सब्जियां, फलों, दूध, दही, मेथी, साग, अंकुरित मूंग, चने करेला, बैंगन, सहजन के डंठल, नीम, बेर और एवोकाडो खाएं।

नियमित करें ज्वॉइंट रोटेशन

जोड़ों के दर्द से आराम पाने के लिए नियमित साइकिलिंग, तैराकी, जोड़ों का घुमाव , सैर जैसे एक्सरसाइज करें। इससे जोड़ एक्टिव रहेंगे और दर्द नहीं सताएगा। इसके अलावा ताड़ासन, वीरभद्रासन और दंडासन जैसे योग को रूटीन का हिस्सा बनाएं।

अभ्यंग का अभ्यास करें

किसी भी ऑर्गेनिक तेल को गुनगुना करके प्रभावित एरिया पर मसाज करें। इससे वात की समस्या कम होगी और उत्तकों से विषैले टॉक्सिन भी बाहर निकल जाएंगे।

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