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कोरोना संक्रमण में कंसीव करना कितना सुरक्षित? जानिए गायनोक्लोजिस्ट डॉ. Arti Tuli से

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 07 Aug, 2020 02:05 PM
कोरोना संक्रमण में कंसीव करना कितना सुरक्षित? जानिए गायनोक्लोजिस्ट डॉ. Arti Tuli से

बच्चे से लेकर बूढ़े तक, कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। बात अगर प्रेग्नेंट महिलाओं की करें तो उन्हें भी कोरोना का अधिक खतरा है। वहीं महिलाओं के मन में कई सावल है जैसे कोरोना में प्रेगनेंसी का कितना खतरा है? क्या इस समय कंसीव करना सुरक्षित है? चलिए गायनोक्लोजिस्ट डॉ. Arti Tuli से जानते हैं ऐसे ही कुछ जरूरी सवालों के जवाब...

सवाल: कोरोना में कंसीव करना कितना सुरक्षित?

जवाब: डॉ. आरती तुली का कहना है कि यह महिलाओं का पर्सनल डिसीजन है। वहीं, इस टाइम पर नर्सिंग होम में भी फिसलिटी की मुश्किल आ रही है। ऐसे में अगर आप 32 की उम्र से कम की है तो अभी कंसीव ना करें। अगर आप इस उम्र से ज्यादा है या इंफर्लिटी से डील कर रही हैं तो आप कंसीव कर सकती हैं। हाल ही में आई रिसर्च के मुताबिक, यह वायरस प्रेगनेंट महिलाओं से नवजात में नहीं फैल रहा है तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है।

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सवाल: अगर प्रेगनेंसी में हो जाए कोरोना तो क्या करें?

जवाब: प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। ऐसे में महिलाओं को निमोनिया, रेस्पिरेटरी फेलियर होने का खतरा अधिक रहता है। अगर आपको साधारण फ्लू के लक्षण दिख रहे हैं तो आप होम आइसूलेशन कर सकती है। अगर 30 डिग्री से ज्यादा बुखार, गले में खाराश, सांस लेने में तकलीफ हो तो आपको हॉस्पिटल में जाना पड़ेगा। हॉस्पिटल में यह डिसाइड किया जाता है कि आपका कौन-सा महीना चल रहा है, जिसके हिसाब से आपको ट्रीटमेंट दिया जाता है।

सवाल: क्या बच्चे पर पड़ता है कोरोना दवाओं का इफैक्ट?

जवाब: प्रेग्नेंट महिलाओं को कोरोना का वही इलाज दिया जाता है जो नॉर्मल लोगों को मिल रहा है। देखा गया है कि इससे बच्चे को कोई नुकसान नहीं होता लेकिन अगर कोरोना के लक्षण ज्यादा गंभीर है जैसे सांस लेने में दिक्कत आदि हो रही है तो उससे मिसकैरेज का खतरा बढ़ जाता है।

सवाल: हॉस्पिटल में प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए कितनी सेफ्टी?

जवाब: हॉस्पिटल में देखा जाता है कि महिलाएं किसी कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में तो नहीं आई। इसके बाद उनके थर्मल स्क्रनिंग ली जाती है। सूंघने के शक्ति जाना, आंखों में लालपन जैसे लक्षण देखने को बाद ही महिलाओं को हॉस्पिटल में एंट्री दी जाती है। साथ ही हॉस्पिटल में मास्क, सोशल डिस्टेसिंग का ख्याल भी रखा जाता है। इसके अलावा डॉक्टर के कैबिन में भी पेशेंट के साथ किसी एक सदस्य को आने की ही अनुमति दी जाती है।

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सवाल: डॉक्टर की कितनी जिम्मेदारी?

जवाब: कुछ समय पहले एक हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने एक पेशेंट को इलाज करने से मना कर दिया था, जिसकी वजह से मां और बच्चे दोनों की मदद होगी। डॉ. आरती तुली के मुताबिक, डॉक्टर किसी भी पेशेंट को मना नहीं कर सकते। हां, मरीज किसी भी हॉस्पिटल में जाकर यह नहीं कह सकते कि कोरोना पेशेंट को एडमिट कर लो क्योंकि हर राज्य में कोरोना के इलाज के लिए सेंटर बनाए गए हैं।

सवाल: प्रेग्नेंट महिलाएं लें कैसी डाइट?

जवाब: भिगे हुए बादाम, फल, सब्जियां, जूस आदि का अधिक सेवन करें। आप आयुष मंत्रालय द्वारा बताए गए काढ़े का भी आप सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा आप तुलसी, इलायची का काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं लेकिन 2 सिप से ज्यादा ना लें। किसी भी भोजन को स्किप ना करें। बीमार लोगों के संपर्क में ना आए।

सवाल: मानसिक स्वास्थ्य का कैसे रखें ख्याल?

जवाब: इसके लिए आप योगा कर सकते हैं। अपने परिवार के लोगों से बात करें और अकेले ना रहें। लेकिन अगर आपका अकेले रहने का मन कर रहा है, उदासी, नींद ना आने जैसे लक्षण दिखाई दे तो साइक्रेटिस्ट से संपर्क करें।

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