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जया को नहीं पसंद थी अमिताभ की गिफ्ट की साड़ियां फिर भी...

  • Edited By shipra rana,
  • Updated: 03 May, 2020 12:34 PM
जया को नहीं पसंद थी अमिताभ की गिफ्ट की साड़ियां फिर भी...

फिल्म शोले में अपनी सादगी से सबको इम्प्रेस करने वाली जया बच्चन जी ने 13 साल की ही उम्र से ही एक्टिंग शुरू कर दी थी। उनका फिल्मी सफर जितना रोमांचक था उतना ही उनका और अमिताभ का रिश्ता भी। यह कपल आपने आप में औरों के लिए कपल गोल्स सेट करते है। वहीं जहां बॉलीवुड के शहंशाह जया के हमसफर है वहीं बॉलीवुड के खलनायक यानी डैनी डेन्जोंगपा उनके बेस्ट फ्रेंड है। आइए आपको उनकी लाइफ से जुड़े कुछ किस्सों के बारें में बताते है। 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

Jaya .. in film ‘Dagtar Babu’ in Bengali playing Vivekanand .. film could not be completed

A post shared by Amitabh Bachchan (@amitabhbachchan) on Mar 4, 2020 at 12:11pm PST

अमिताभ की मां मानती थी जया को लक्की
अमिताभ बच्चन की पहले मूवीज हिट नहीं हो रही थी। लेकिन जैसे ही जया उनके लाइफ में आई तो उनकी जिंदगी में मानों किस्मत के पर लाग गए हो। इसलिए उनकी मां को लगता था कि जया उनकी जिंदगी को किस्मत से रौशन कर देंगी। उन्होंने ने ही जया को अपने लिए बहू के तौर पर चुना। 

अमिताभ प्यार से जया को बुलाते हैं ‘जेबी’
केबीसी के मंच पर अमिताभ ने इस बात का खुलासा किया था कि उन्होंने जया का नाम अपने फ़ोन पर ‘जेबी’ सेव किया हुआ है। वो उनके लंबे-काले घने बालों पर फिदा है। 

जया को नहीं पसंद थी अमिताभ की गिफ्ट की साड़ियां फिर भी...
दरअसल, जया ने एक इंटरव्यू में कहा था कि-अमिताभ मुझे गिफ्ट में ज्यादातर हैवी कांजीवरम साड़ियां देते थे। मजे की बात यह थी, उनमें से ज्यादातर साड़ी व्हाइट के साथ पर्पल कलर की बॉर्डर वाली होती थीं, जो मुझ पर बिल्कुल भी नहीं फब्ती थीं। पर मैं उन साड़ियों को पहन लिया करती थीं, जिससे अमिताभ को बुरा न लगे। मैंने अभिमान फिल्म के गाने ‘तेरी बिंदिया रे’ में भी ऐसी ही साड़ी पहनी है।

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

Off to the wedding .. and all are aware which one ..

A post shared by Amitabh Bachchan (@amitabhbachchan) on Dec 12, 2018 at 1:15pm PST

अमिताभ का नाम सुनते ही खुश हो जाती थी जया 
बात यह थी कि जब अमिताभ और जया दोनों ही अपने स्ट्रगल दौर में थे। तब भी वो एक दूसरे के हमसफ़र की तरह साथ थे। उन्होंने बताया-70 के दशक के शुरुआती सालों में अमिताभ और मैं दोनों ही संघर्ष कर रहे थे। मैं तब पुणे में कोर्स कर रही थी। उस समय इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल जगत मुरारी ने ऋषिकेश मुखर्जी से मेरी सिफारिश की। ऋषि दा इंस्टीट्यूट से अपनी फिल्म ‘सुमन’ के लिए अभिनेत्री की तलाश कर रहे थे। ऋषि दा ने मुझे फिल्म ‘गुड्‌डी’ में काम करने का ऑफर दिया था। फिल्म में मौसमी चटर्जी का भी रोल था, लेकिन यह नहीं पता कि बाद में वह इससे क्यों हट गई थीं। फिल्म में अभिनेता नवीन निश्चल को कास्ट किया गया था। इस बीच मेहमूद ने प्रोड्यूसर एनसी सिप्पी के माध्यम से ऋषि दा को अमिताभ के लिए सिफारिश की। मैं पुणे, मुंबई और कोलकाता की भी यात्राएं कर रही थीं, क्योंकि मेरी कुछ बंगाली फिल्में भी थीं। मुझे जब पता लगा कि अमिताभ ‘गुड्‌डी’ में हैं तो बहुत खुश हुई। हमने कई फिल्मों में काम किया। मेरा मानना था अमित अलग तरह के थे और कुछ हटके फिल्मों के लिए परफेक्ट थे।

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