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CA के साथ ही हो गया फ्रॉड, 12 साल पुराने बैंक के लॉकर से गायब हुआ 2 करोड़ का सोना-चांदी

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 07 Feb, 2026 03:07 PM
CA  के साथ ही हो गया फ्रॉड, 12 साल पुराने बैंक के लॉकर से गायब हुआ 2 करोड़ का सोना-चांदी

नारी डेस्क: इन दिनों सोने- चांदी की बढ़ती कीमतों के चलते लोगों ने इन्हें खरीदना ही छोड़ दिया है। जिनके पास पहले से सोना- चांदी पड़ा है वह इसी में संतुष्टि कर रहे हैं। दो दिन पहले एक परिवार  लाखों की कीमत के सोने, चांदी का मालिक था लेकिन एक गलती ने उनका सब कुछ बर्बाद कर दिया। फरीदाबाद में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की एक ब्रांच में 2 करोड़ रुपये के सोने, चांदी और कीमती सामान  सामान के कथित तौर पर गायब होने का मामला सामने आया है। यह धोखा बैंक से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के साथ ही हुआ।  
 

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 12 सालों के बाद गायब हुआ लॉकर 

यह घटना फरीदाबाद में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सेक्टर 15 मार्केट ब्रांच में हुई। शिकायत के मुताबिकचार्टर्ड अकाउंटेंट डीसी गर्ग का बैंक में एक लॉकर था और पिछले 12 सालों से इस्तेमाल हो रहा था। दो दिन पहले जब गर्ग की पत्नी लॉकर ऑपरेट करने के लिए बैंक गईं, तो उन्हें बताया गया कि ब्रांच में अब वह लॉकर नहीं है। यह तब हुआ, जब एक साल पहले तक गर्ग के बैंक अकाउंट से सालाना लॉकर फीस कटती रही थी। जानकारी मिलने के बाद, डीसी गर्ग और उनका परिवार बैंक पहुंचा और अधिकारियों से पूछताछ की, जिन्होंने कथित तौर पर उन्हें बताया कि उनके नाम पर ऐसा कोई लॉकर रजिस्टर्ड नहीं है। गर्ग ने कहा कि उनके पास अभी भी लॉकर की असली चाबी है, लेकिन बैंक अधिकारियों ने दावा किया कि लॉकर नंबर किसी दूसरे व्यक्ति को अलॉट कर दिया गया है।


हर साल लॉकर की फीस भी ले रहा था बैंक

गर्ग ने कहा कि उन्होंने 2014 में लॉकर लिया था और उनके अकाउंट से हर साल 2,360 रुपये की फीस रेगुलर कटती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक ने उनके लॉकर की डुप्लीकेट चाबी उस व्यक्ति को दे दी है जिसे अभी लॉकर होल्डर दिखाया जा रहा है। गर्ग के मुताबिक, बैंक अधिकारियों ने कहा कि हो सकता है कि उन्होंने लॉकर पहले ही सरेंडर कर दिया हो। हालांकि, उन्होंने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि लॉकर सरेंडर करने में पेपरवर्क होता है और बैंक ओरिजिनल चाबी वापस ले लेता है, जो उनके पास अभी भी है।  गर्ग ने आरोप लगाया कि लॉकर को तोड़कर बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से विकास चौहान नाम के एक व्यक्ति को फिर से अलॉट कर दिया गया और एक डुप्लीकेट चाबी जारी कर दी गई। 

 

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लॉकर में था बेहद कीमती समान

लॉकर में करीब 1.25 kg सोने की छड़ें, करीब 3 kg चांदी और दूसरा कीमती सामान था। गर्ग ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि लॉकर कब तोड़ा गया या कीमती सामान कब गायब हुआ। उन्होंने बताया कि उन्होंने SBI हेडक्वार्टर और चेयरमैन से शिकायत की है, जिसके बाद सीनियर अधिकारी जांच कर रहे हैं। गर्ग के सहयोगी और डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम के पूर्व सदस्य सतीश मित्तल ने बैंक अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर बैंक कर्मचारियों की कोई गलती नहीं थी, तो मामले की पारदर्शी तरीके से जांच करने के बजाय उसे दबाने का कोई कारण नहीं था। मित्तल ने बताया कि पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।
 

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