नारी डेस्क: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान Smriti Mandhana को हाल ही में बीसीसीआई द्वारा 2024-25 सीजन के लिए “सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेटर” के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। खास बात यह है कि स्मृति ने यह अवॉर्ड लगातार पांचवीं बार जीता है, जो उनके शानदार प्रदर्शन और निरंतरता को दिखाता है।
अवॉर्ड नाइट पर छाया स्मृति का खास लुक
अवॉर्ड सेरेमनी में स्मृति का स्टाइल भी खूब चर्चा में रहा। उन्होंने इलेक्ट्रिक ब्लू रंग की बेहद चमकदार और यूनिक ड्रेस पहनी थी। यह ड्रेस उनकी आत्मविश्वास भरी पर्सनैलिटी और ऊर्जा को बखूबी दर्शा रही थी, जिससे उनका पूरा लुक और भी आकर्षक बन गया।

सिल्क नहीं, मेटल वायर से बनी ड्रेस
इस ड्रेस की सबसे खास बात यह थी कि इसे सिल्क या किसी आम कपड़े से नहीं, बल्कि बेहद पतले मेटल वायर से तैयार किया गया था। इस अनोखी ड्रेस को मशहूर डिजाइनर Rimzim Dadu ने डिजाइन किया है, जो अपने अलग और एक्सपेरिमेंटल डिजाइन के लिए जानी जाती हैं।
पिघली धातु जैसा चमकदार इफेक्ट
ड्रेस का लुक ऐसा लगता है जैसे पिघली हुई धातु को आकार दिया गया हो। इसे बनाने में “कॉर्डेड टेक्सचर” तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे ड्रेस की सतह पर उभरा हुआ स्ट्रक्चर बनता है। जब इस पर रोशनी पड़ती है, तो यह बिजली जैसी चमकदार लकीरों का इफेक्ट देता है, जो इसे और भी खास बनाता है।
कीमत भी है खास
इस यूनिक ड्रेस की कीमत भी काफी हाई है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 4.5 लाख रुपये बताई जा रही है, जो इसके डिजाइन, तकनीक और मेहनत को दर्शाती है।

हफ्तों की मेहनत से तैयार होता है कपड़ा
इस ड्रेस को बनाने की प्रक्रिया बेहद जटिल और समय लेने वाली है। इसमें इस्तेमाल किए गए मेटल वायर लगभग 0.45 मिमी पतले होते हैं, यानी इंसान के बाल जितने। हजारों ऐसे वायर को फैब्रिक बेस पर हफ्तों की मेहनत से हाथ से सिलकर एक खास तरह का कपड़ा तैयार किया जाता है।
दिल्ली में तैयार होती है खास डिजाइन
यह पूरा काम दिल्ली में किया जाता है, जहां कुशल कारीगर बड़ी बारीकी से इस डिजाइन को तैयार करते हैं। सख्त धातु को बाद में खास तरीके से प्रोसेस किया जाता है, ताकि वह मुलायम बन जाए और पहनने के लिए आरामदायक भी हो।

फैशन, तकनीक और कला का बेहतरीन मेल
यह ड्रेस सिर्फ एक आउटफिट नहीं, बल्कि फैशन, तकनीक और कला का शानदार उदाहरण है। इसने स्मृति मंधाना के इस खास मौके को और भी यादगार बना दिया और यह साबित किया कि फैशन में इनोवेशन की कोई सीमा नहीं होती।