नारी डेस्क: मेरी नानी अपना सोना लाल मखमली थैली में संभालकर अलमारी के पीछे रखती थीं। मेरी मां ने उसी सोने को बैंक लॉकर में सुरक्षित कर दिया थोड़ा ज्यादा सुरक्षित, लेकिन नजरों से दूर और आज, मैं अपना सोना अपने फोन में रखती हूं एक ऐप के जरिए, डिजिटल रूप में। सोना भारतीय महिलाओं के लिए हमेशा से सिर्फ गहना नहीं, बल्कि सुरक्षा और भविष्य की जमा पूंजी रहा है। पहले यह धीरे-धीरे जोड़ा जाता था और जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल होता था। यह परंपरा आज भी कायम है, बस इसे रखने और खरीदने का तरीका बदल गया है।
छोटी बचत से भी संभव है सोने में निवेश
आज के समय में सोना खरीदने के लिए बड़ी रकम की जरूरत नहीं रह गई है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए आप ₹50 या ₹100 जैसी छोटी रकम से भी निवेश शुरू कर सकते हैं। रोजमर्रा के खर्चों से बचाई गई छोटी-छोटी रकम समय के साथ एक मजबूत बचत में बदल सकती है।

डिजिटल गोल्ड की बढ़ती लोकप्रियता
भारत में डिजिटल गोल्ड का चलन तेजी से बढ़ रहा है। 2025 में इसकी खरीद में करीब 69% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 13.5 टन तक पहुंच गई। खास बात यह है कि करीब 65% खरीदार मिलेनियल्स हैं। अब लोग घर बैठे, किसी भी समय अपने फोन से सोना खरीद सकते हैं न लॉकर की चिंता, न मेकिंग चार्ज और न ही ज्वेलर के पास जाने की जरूरत। डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल ने भी इसे और आसान बना दिया है।
महिलाओं के लिए बढ़ता नियंत्रण और स्वतंत्रता
एक समय था जब महिलाओं के पास सोना तो होता था, लेकिन उस पर उनका पूरा नियंत्रण नहीं होता था। अक्सर यह शादी या अन्य मौकों पर मिला गिफ्ट होता था, जिसे बैंक लॉकर में रखा जाता था और जरूरत पड़ने पर परिवार के फैसले से इस्तेमाल होता था। डिजिटल गोल्ड ने इस स्थिति को बदल दिया है। अब सोना सीधे महिला के नाम पर, उसके फोन में और उसके नियंत्रण में होता है। इसमें न किसी की अनुमति की जरूरत होती है और न ही साझा फैसलों की।
सोने की कीमत और निवेश का फायदा
पिछले कुछ वर्षों में सोने की कीमत में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। 2015 में जहां 10 ग्राम सोना करीब ₹25,000 का था, वहीं 2025 तक इसकी कीमत बढ़कर ₹1.33 लाख तक पहुंच गई। डिजिटल गोल्ड भी इसी तरह का रिटर्न देता है, लेकिन इसमें स्टोरेज या शुद्धता को लेकर चिंता नहीं रहती।
निवेश में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
पिछले पांच सालों में निवेश के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। फिनटेक प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की संख्या 14% से बढ़कर 55% तक पहुंच गई है। दिलचस्प बात यह है कि महिलाएं निवेश को लंबे समय तक बनाए रखने में भी आगे हैं और कई मामलों में उनकी निवेश राशि पुरुषों से ज्यादा होती है।

डिजिटल एसेट्स की ओर बढ़ता रुझान
डिजिटल गोल्ड के साथ-साथ महिलाएं अन्य डिजिटल एसेट्स की ओर भी तेजी से बढ़ रही हैं। हाल के आंकड़ों के अनुसार, महिला क्रिप्टो निवेशकों की संख्या में एक साल में 116% की वृद्धि हुई है। यह बदलाव किसी ट्रेंड से ज्यादा एक सोच में बदलाव को दर्शाता है, जहां महिलाएं अब अपने वित्तीय फैसले खुद लेने लगी हैं।
अभी भी शुरुआती दौर में है डिजिटल गोल्ड
हालांकि डिजिटल गोल्ड का बाजार अभी शुरुआती चरण में है। इसके बारे में जानने वाले लोगों में से केवल 10% ने ही इसमें निवेश किया है और कुल ज्वेलरी मार्केट में इसकी हिस्सेदारी अभी 2% से भी कम है। इसका विस्तार काफी हद तक जागरूकता और सही जानकारी पर निर्भर करेगा, खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में।
आज का सबसे बड़ा बदलाव
आज की सबसे बड़ी बात यह है कि करीब 72% महिलाएं अपने निवेश के फैसले खुद ले रही हैं। यह बदलाव पहले की तुलना में बेहद बड़ा और महत्वपूर्ण है। सोना हमेशा से भारतीय महिलाओं के जीवन का अहम हिस्सा रहा है भावनात्मक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से। फर्क सिर्फ इतना आया है कि अब यह पूरी तरह उनके नियंत्रण में है।
डिजिटल तकनीक ने सोने के साथ उनके रिश्ते को नया रूप नहीं दिया, बल्कि उसे और मजबूत और सशक्त बना दिया है। यह बदलाव सिर्फ निवेश का नहीं, बल्कि सोच और स्वतंत्रता का भी है।
