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कोरोना वायरस से जुड़े 8 फैक्ट्स,  जो हर किसी को होने चाहिए पता

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 26 Mar, 2020 09:58 AM
कोरोना वायरस से जुड़े 8 फैक्ट्स,  जो हर किसी को होने चाहिए पता

कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया में आए दिन कई खबरें वायरल होती रहती हैं। कोरोना से बचने के लिए लोग सोशल मीडिया से जानकारी ले रहे हैं। ऐसे में आज हम आपको इस बीमारी से जुडी कुछ ऐसी बातें बताएंगे, जो आपको पता होनी चाहिए।

चलिए हम आपको बताते हैं कोरोना से जुड़े कुछ फैक्ट्स...

. तेजी से फैलने की स्थिति

कोरोना पॉजिटिव लोगों में इस वायरस को फैलाने की गति लक्ष्ण दिखने से अधिक होती है। ऐसा कह सकते हैं हाइली कॉन्टेजियस होते हैं। ऐसी स्तिथि में जब उनमें लक्षण नजर नहीं आ रहे होते, वायरस ज्यादा खतरनाक होता हैं।

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. इंफेक्शन के चांस खत्म

किसी व्यक्ति में Covid-19 के लक्ष्ण 2 से 14 दिन के बीच नजर आते हैं। वहीं कुछ लोग 8 से 10 दिन तक कॉन्टेजियस रहता है। इसके बाद उसके जरिए इंफेक्शन होने के चांस लगभग खत्म हो जाते हैं।

. संक्रमण का अधिकतम फैला

मान लीजिए किसी व्यक्ति में 14वें दिन इस बीमारी के लक्षण नजर आए हैं और अगले 8 से 10 दिन वह व्यक्ति कॉन्टेजियस रहने वाला है तो कुल मिलाकर एक संक्रमित व्यक्ति 22 से 24 दिन तक इस बीमारी को फैलाने की क्षमता रखता है।

. शरीर में कोरोना की अवधि

स्टडी के मुताबिक, यह वायरस एक व्यक्ति के शरीर में ज्यादातर 20 दिन रहता है जबकि कुछ केसेज में यह 37 दिन तक भी पाया गया है। हालांकि ऐसा केस रेयर होता है।

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. मतलब 6+8=14 दिन

कैल्कुलेशन के हिसाब से शरीर में इसके लक्ष्ण 6,  8 या 14 दिन में दिखाई देते हैं। इसलिए एक्सपर्ट शक के दायरे में आये व्यक्ति को होम क्वारंटाइन यानी एकांतवास में रहने के लिए कहते हैं।

. शरीर में एंटिबॉडीज का बनना

इंफेक्शन होने के बाद करीब 6 से 12 दिन में ही इस वायरस के खिलाफ शरीर में एंटिबॉडीज बनाना शुरू हो जाती है। इससे वायरस को खत्म किया जा सकता है। साथ ही इससे रोगी के जरिए संक्रमण फैलने की क्षमता भी कम हो जाती है।

. री-इंफेक्शन के चांस

ऐसा बहुत कम केस में देखा गया है की जो व्यक्ति कोरोना से ठीक हो गया हो उसे दोबारा इन्फेक्शन हो।

. गर्मियों में वायरस के खत्म होने की उम्मीद

वैज्ञानिकों के मुताबिक,  यह वायरस -2 डिग्री से लेकर 10 डिग्री सेल्सियस के बीच तेजी से फैला है। इसलिए संभावना जताई जा रही है कि तेज गर्मी होने पर इस संक्रमण के फैलने की गति धीमी हो सकती है। जैसा कि फ्लू और कोल्ड में देखने को मिलता है। हालांकि ऐसा पुख्ता तौर पर नहीं कहा जा सकता।

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