नारी डेस्क: कैल्शियम हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी खनिज (मिनरल) है। यह केवल हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने के लिए ही नहीं बल्कि मांसपेशियों, नसों और दिल के सही काम करने के लिए भी आवश्यक होता है। जब शरीर में कैल्शियम की मात्रा कम हो जाती है तो इसे कैल्शियम की कमी कहा जाता है। इस स्थिति में शरीर कई तरह के संकेत देने लगता है जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार सिर्फ खानपान की कमी ही नहीं बल्कि कुछ बीमारियां भी शरीर में कैल्शियम की कमी का कारण बन जाती हैं। अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया जाए तो यह आगे चलकर हड्डियों से जुड़ी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं किन बीमारियों के कारण शरीर में कैल्शियम की कमी हो सकती है और इसके लक्षण क्या होते हैं।
किडनी की बीमारी से हो सकती है कैल्शियम की कमी
किडनी हमारे शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे मिनरल का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब किसी व्यक्ति को किडनी से जुड़ी बीमारी होती है तो शरीर में कैल्शियम का संतुलन बिगड़ सकता है। किडनी की समस्या होने पर शरीर कैल्शियम को ठीक तरह से इस्तेमाल नहीं कर पाता। इसके कारण धीरे-धीरे शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है। ऐसे लोगों में हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और फ्रैक्चर का खतरा भी बढ़ सकता है।

थायरॉयड और पैराथायरॉयड की समस्या
थायरॉयड के पास मौजूद पैराथायरॉयड ग्रंथियां शरीर में कैल्शियम के स्तर को नियंत्रित करती हैं। अगर इन ग्रंथियों में कोई समस्या हो जाती है तो शरीर में कैल्शियम का स्तर तेजी से कम हो सकता है। पैराथायरॉयड हार्मोन की कमी होने पर शरीर में कैल्शियम सही तरीके से नियंत्रित नहीं हो पाता। इस स्थिति में मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी और हाथ-पैरों में झनझनाहट जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
विटामिन D की कमी
विटामिन D शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है। यदि शरीर में विटामिन D की कमी हो जाए तो चाहे आप कैल्शियम से भरपूर भोजन ही क्यों न खाएं, शरीर उसे सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाता। जिन लोगों को धूप कम मिलती है या जिनका खानपान संतुलित नहीं होता, उनमें विटामिन D की कमी ज्यादा देखी जाती है। इसके कारण धीरे-धीरे शरीर में कैल्शियम का स्तर भी कम होने लगता है।
पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियां
कुछ लोगों को ऐसी बीमारियां होती हैं जिनमें शरीर पोषक तत्वों को ठीक से अवशोषित नहीं कर पाता। जैसे आंतों से जुड़ी समस्याएं या पाचन तंत्र की कुछ बीमारियां। ऐसी स्थिति में कैल्शियम भोजन के माध्यम से शरीर में जाता तो है, लेकिन शरीर उसे सही तरीके से ग्रहण नहीं कर पाता। इसके कारण धीरे-धीरे कैल्शियम की कमी हो सकती है।

कैल्शियम की कमी के सामान्य लक्षण
जब शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है तो कई तरह के संकेत दिखाई देने लगते हैं। शुरुआत में ये लक्षण हल्के हो सकते हैं, लेकिन समय के साथ समस्या बढ़ सकती है। कैल्शियम की कमी होने पर व्यक्ति को अक्सर हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी, थकान, दांतों का कमजोर होना और नाखूनों का जल्दी टूटना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसके अलावा हाथ-पैरों में झनझनाहट और सुन्नपन भी महसूस हो सकता है। कुछ मामलों में कैल्शियम की कमी ज्यादा बढ़ जाए तो दिल की धड़कन अनियमित होना या मांसपेशियों में तेज ऐंठन जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
कैल्शियम की कमी से बचने के लिए क्या करें
शरीर में कैल्शियम की कमी से बचने के लिए संतुलित आहार लेना बहुत जरूरी है। रोजाना दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, तिल, बादाम और सोया जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही सुबह की हल्की धूप लेना भी जरूरी है ताकि शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन D मिल सके। अगर किसी व्यक्ति को पहले से कोई बीमारी है या कैल्शियम की कमी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
कैल्शियम की कमी एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन सकती है। कई बार इसके पीछे कुछ बीमारियां भी जिम्मेदार होती हैं। इसलिए शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें और समय पर जांच कराकर सही उपचार कराएं। सही खानपान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।