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रातों-रात फेमस हुआ बाबा का ढाबा, कोरोना में हुआ बुरा हाल नहीं बिकती थीं एक भी चीज लेकिन अब...

  • Edited By Priya dhir,
  • Updated: 09 Oct, 2020 01:27 PM
रातों-रात फेमस हुआ बाबा का ढाबा, कोरोना में हुआ बुरा हाल नहीं बिकती थीं एक भी चीज लेकिन अब...

कोरोना महामारी के चलते आज कई लोग ऐसे हैं जिन्हें पेट भर खाना भी नहीं मिल पा रहा। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें बुजुर्ग दंपती रोते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दरअसल, 80 वर्षीय बुजुर्ग दंपति दिल्ली के मालवीय नगर में सड़क किनारे फुटपाट पर अपना छोटा सा ढाबा 'बाबा का ढाबा' चलाते है। 80 वर्षीय बाबा कांता प्रसाद और उनकी पत्नी बादाम देवी इस ढाबे में सुबह से लेकर शाम तक मेहनत करते है लेकिन लॉकडाउन के बाद बुजुर्ग दंपती अपने इस ढाबे से गुजारे भर के पैसे भी नहीं निकाल पा रहे थे। इसी दौरान एक फूड ब्लॉगर की नजर  'बाबा का ढाबा' पर पड़ी जिसके बाद उन्होंने इसका एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया। वीडियो में बाबा रोते हुए दिखाई दे रहे है।  उन्होंने बताया कि वह ढाबे में दिन में आधा किलो दाल बनाते है लेकिन वो भी नहीं बिक पाती। वीडियो में बुजुर्ग दंपत्ति मटर पनीर, चावल व दाल दिखाते हुए नजर आ रहा है। वही, ब्लॉगर ने लोगों से अपील की कि वह एक बार बाबा के ढाबे पर खाना खाने जरूर आएं।

वीडियो वायरल होते ही ढाबे में लगी लोगों की भीड़

ब्लॉगर द्वारा वीडियो शेयर करते ही बाबा के ढाबा में खाने वाले लोगों की लाइन लग गई है। बुजुर्ग के आंसू देखकर लोगों का दिल पसीज गया। चंद ही घंटों में बाबा का सारा खाना बिक गया। अपने ढाबे में अचानक इतनी भीड़ देख बाबा की आंखे खुशी से भर गई। ना सिर्फ लोगों ने बाबा के ढाबे के खाने का स्वाद चखा बल्कि उन्होंन बाबा को अलग से रुपए देकर उनकी मदद भी की।

कुछ लोग बाबा के लिए दाल, चावल, आटे और खाने-पीने का अन्य सामान लेकर भी वहां पहुंच गए। बाबा कांता प्रसाद ने बताया कि वह साल 1988 से यह ढाबा चला रहे है। लॉक डाउन से पहले उनके ढाबे पर खाना बिक जाया करता था लेकिन लॉक डाउन में पहले तो ढाबा बंद रहा लेकिन  लॉक डाउन खुलने के बाद उनका खाना कोई लेने का तैयार नहीं था। ऐसे हालात में उनका गुजारा करना काफी मुश्किल हो गया था।

कौन हैं 'बाबा का ढाबा' वाले 80 वर्षीय बुजुर्ग कांता प्रसाद

कांता प्रसाद अपने परिवार के साथ दिल्ली में ही रहते है। उनके परिवार में पत्नी बादाम देवी, बड़ी शादीशुदा बेटी सरोज के अलावा दो बेटे आजाद हिंद (37) और करण (27) है। बड़ा बेटा शादीशुदा है उसकी एक बेटी भी है। वहीं बेटी सरोज को उसके पति ने छोड़ा हुआ है वह अपने बच्चों समेत माता-पिता के साथ ही रहती है। लॉक डाउन में उनके बड़े बेटे की नौकरी चली गई। छोटा बेटा डिलीवरी मैन की नौकरी कर पांच-छह हजार रुपए कमाता है। ऐसे में पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन पर ही थी। बाबा अपनी पत्नी बादाम देवी के साथ सुबह छह बजे ढाबे पर पहुंच जाते हैं और रात 9 बजे तक काम करते हैं।

आम लोगों की तरह कई बॉलीवुड सेलेब्स व नामी लोग बाबा की मदद करने के लिए आगे आए। बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा ने भी वीडियो को शेयर करते हुए कहा कि अगर आप दिल्ली में हैं तो बाबा का ढाबा पर जरूर जाएं और उनका मनोबल बढ़ाएं। 

बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन ने भी वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि अगर आप यहां जाएं तो मेरे साथ अपनी तस्वीर साझा करें। मैं एक संदेश के साथ आपकी तस्वीर पोस्ट करुंगी। इसके अलावा सोनम कपूर ने भी इस वीडियो को शेयर किया। अब 80 वर्षीय बुजुर्ग दंपत्ति रातों-रात सोशल मीडिया पर छा गए और अब उनके पास काम की भी कमी नहीं है। देशभर से लोग बाबा का ढाबा से खाना खाने की अपील कर रहे है।

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