11 JANSUNDAY2026 11:39:52 PM
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काले रंग की मूर्ति, राजा का दरबार और सीता का कुंआ, जानें भारत के ये 4 मंदिर!

  • Edited By Monika,
  • Updated: 11 Jan, 2026 05:34 PM
काले रंग की मूर्ति, राजा का दरबार और सीता का कुंआ, जानें भारत के ये 4 मंदिर!

नारी डेस्क : भारत मंदिरों का देश है, जहां देवी-देवताओं के पवित्र स्थल हर कोने में मिलते हैं। इनमें से भगवान राम का स्थान विशेष है, जिन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम और भगवान विष्णु का सातवां अवतार माना जाता है। अयोध्या के राम मंदिर के अलावा देशभर में कई ऐसे राम मंदिर हैं, जिनकी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक कहानी बहुत ही रोचक है।

भद्राचलम का सीता राम चंद्रस्वामी मंदिर (तेलंगाना)

तेलंगाना के गोदावरी नदी के तट पर स्थित भद्राचलम मंदिर भगवान राम, माता सीता और भ्राता लक्ष्मण को समर्पित है। यह मंदिर भगवान राम के वनवास काल से जुड़ा हुआ है। रामनवमी और अन्य उत्सवों पर लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन करते हैं। मंदिर में आने वाले भक्तों का अनुभव है कि भगवान की दिव्य ऊर्जा आज भी परिसर में महसूस की जा सकती है।

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नासिक का कालाराम मंदिर (महाराष्ट्र)

महाराष्ट्र के नासिक में स्थित कालाराम मंदिर की खासियत भगवान राम की काले पत्थर की मूर्ति है। मूर्ति की ऊंचाई 7 फीट है और इसे बनाने में 12 साल लगे। मंदिर के निर्माण का श्रेय सरदार रंगराव ओढेकर को जाता है। भक्त मंदिर में पूजा करने से पहले पवित्र गोदावरी नदी में स्नान करते हैं। यहां आस्था यह है कि भगवान राम अपने वनवास काल में इसी नदी में स्नान किया करते थे।

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ओरछा का श्रीराम राजा का मंदिर (मध्य प्रदेश)

मध्य प्रदेश के ओरछा में स्थित यह मंदिर भगवान राम को राजा के रूप में पूजने के लिए प्रसिद्ध है। इसे 16वीं सदी में बुंदेला राजा मधुकर शाह ने शाही महल में बदलवाया। मंदिर में प्रतिदिन रॉयल गार्ड ऑफ ऑनर के साथ पूजा होती है। यहां की कहानी के अनुसार, रानी गणेश कुंवर अयोध्या से मूर्ति ला रही थीं, लेकिन भगवान के आदेश से यात्रा रुकी और मंदिर में विराजमान हो गई।

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अमृतसर का श्रीराम तीरथ मंदिर (पंजाब)

पंजाब के अमृतसर में स्थित यह मंदिर आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष है। कहा जाता है कि यही वह आश्रम था, जहां महर्षि वाल्मिकी ने रामायण की रचना की। मंदिर के पास सीता देवी का पुराना कुंआ है, जहां उनके रोजमर्रा के कार्य किए जाते थे। भक्तों का विश्वास है कि इस मंदिर में पूजा करने से बच्चों को आशीर्वाद और जीवन में सुख-समृद्धि मिलती है।

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भारत के ये मंदिर सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन मंदिरों का दर्शन श्रद्धालुओं को मानसिक शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा और जीवन में सकारात्मकता का अनुभव कराता है।

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