
नारी डेस्क: एनसीआर में खुले और पानी से भरे गड्ढे अब लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। नोएडा और दिल्ली के बाद अब ग्रेटर नोएडा में भी एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां तीन साल का मासूम गड्ढे में गिरकर अपनी जान गंवा बैठा।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
16 जनवरी को नोएडा में इंजीनियर युवराज की कार एक गहरे गड्ढे में गिर गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इसके करीब 20 दिन बाद दिल्ली में जल बोर्ड के एक खुले गड्ढे में बैंक कर्मचारी कमल की बाइक गिर गई और उनकी भी जान चली गई। अब इसी तरह की लापरवाही ने ग्रेटर नोएडा में एक मासूम की जिंदगी छीन ली।

खेलते-खेलते गड्ढे के पास पहुंचा
ग्रेटर नोएडा के दलेलगढ़ गांव में रहने वाले अनिल की बेटी अंजलि कुछ दिन पहले ही अपने ससुराल सिकंदराबाद (बुलंदशहर) से मायके आई थीं। वह अपने तीन साल के बेटे देवांश और बेटी के साथ आई थीं। शनिवार को गांव के पास एक मंदिर में भंडारे का आयोजन था। पूरा परिवार वहां शामिल होने गया था। इसी दौरान खेलते-खेलते देवांश पास में बने एक गहरे गड्ढे के पास पहुंच गया, जिसमें बारिश का पानी भरा हुआ था। अचानक वह गड्ढे में गिर गया। जब तक परिवार और गांव वाले बच्चे को बाहर निकाल पाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मासूम की सांसें थम चुकी थीं। इस घटना से पूरे परिवार और गांव में शोक का माहौल है।
ग्रामीणों ने पहले भी की थी शिकायत
गांव वालों का कहना है कि यह गड्ढा लंबे समय से खुला पड़ा था। बारिश के बाद इसमें पानी भर गया था, जिससे खतरा और बढ़ गया था। ग्रामीणों के मुताबिक, सेक्टर-150 में हुई पिछली घटना के बाद उन्होंने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को पत्र लिखकर ऐसे खतरनाक गड्ढों को भरने और सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की थी। लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

प्राधिकरण का क्या कहना है?
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि सूचना मिलते ही संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। जांच में पता चला कि जिस जमीन पर गड्ढा था, वह गांव के एक किसान के नाम दर्ज है और यह कोई सरकारी तालाब नहीं है। उसी जमीन पर पानी भरा हुआ था।हालांकि, सवाल अब भी यही है कि आखिर कब तक ऐसे खुले और असुरक्षित गड्ढे लोगों की जान लेते रहेंगे?