नारी डेस्क: इन दिनों पेट से जुड़ी परेशानियां आम होती जा रही हैं। गैस, अपच, कब्ज, पेट दर्द और मरोड़। अक्सर लोग गलत खानपान या तनाव की वजह से बार-बार पेट खराब होने की शिकायत करते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर समय रहते गट हेल्थ पर ध्यान न दिया जाए तो इसका असर पूरे शरीर पर पड़ सकता है। बता दें कि पेट की सेहत को ही गट हेल्थ कहा जाता है। लेकिन सही खानपान और कुछ आदतों को अपनाकर इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
पेट खराब होने के कारण
बैक्टीरिया या वायरस
अक्सर पेट खराब होने की सबसे बड़ी वजह बैक्टीरिया या वायरस होते हैं। दूषित पानी, बासी खाना या बाहर का अस्वच्छ भोजन खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है, जिससे दस्त, उल्टी और पेट दर्द शुरू हो जाता है। कुछ मामलों में वायरल इंफेक्शन भी पेट को प्रभावित करता है, जो कुछ दिनों तक परेशानी पैदा कर सकता है।

अनियमित भोजन
जब हम समय पर खाना नहीं खाते, देर रात भारी भोजन कर लेते हैं या लंबे समय तक भूखे रहते हैं, तो इसका सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है। अनियमित खानपान से पेट की पाचन क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे बार-बार पेट खराब होने की समस्या हो सकती है।
तेल-मसाले वाला खाना
ज्यादा तला-भुना और मसालेदार भोजन पेट की अंदरूनी परत को परेशान कर सकता है। ऐसे खाने से एसिडिटी, गैस और दस्त की समस्या बढ़ जाती है, खासकर उन लोगों में जिनका पाचन पहले से कमजोर होता है।
दवाइयों या एलर्जी का असर
कुछ दवाइयां, जैसे एंटीबायोटिक्स या दर्द निवारक दवाएँ, पेट के अच्छे बैक्टीरिया को नुकसान पहुँचा सकती हैं। इसके अलावा, किसी खास खाने से एलर्जी होने पर भी पेट खराब, गैस या दस्त की शिकायत हो सकती है।
तनाव और नींद की कमी
लगातार तनाव में रहना और पूरी नींद न लेना भी पेट की सेहत को प्रभावित करता है। तनाव की वजह से पाचन क्रिया धीमी हो जाती है, जिससे पेट दर्द, अपच और बार-बार दस्त की समस्या हो सकती है।

क्या खाएं (Safe Foods)
हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन: जब पेट बार-बार खराब हो रहा हो, तब हल्का और सादा खाना सबसे बेहतर रहता है। ऐसा भोजन पेट पर ज्यादा दबाव नहीं डालता और पाचन को आराम देता है।
दाल और सूखा अनाज: मूंग दाल, सादा चावल और ओट्स जैसे खाद्य पदार्थ पेट के लिए सुरक्षित माने जाते हैं। ये आसानी से पच जाते हैं और शरीर को जरूरी ऊर्जा भी देते हैं।
उबली हुई सब्जियां: लौकी, गाजर और पालक जैसी सब्जियां उबालकर खाने से पेट को राहत मिलती है। इनमें फाइबर और पोषक तत्व होते हैं, जो पाचन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
दही और छाछ: दही और छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक्स पेट के अच्छे बैक्टीरिया को संतुलित रखने में मदद करते हैं। इससे दस्त और पेट की गड़बड़ी जल्दी ठीक हो सकती है।
फल: केला, सेब और पपीता जैसे फल पेट के लिए हल्के होते हैं। खासकर केला दस्त के दौरान शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है।
सूप और हल्की खिचड़ी: सब्जियों का सूप या सादी खिचड़ी पेट को आराम देती है और शरीर को जरूरी पोषण भी देती है। यह भोजन बीमारी के दौरान बहुत उपयोगी माना जाता है।
पानी और हाइड्रेशन: पेट खराब होने पर शरीर में पानी की कमी जल्दी हो जाती है। इसलिए पर्याप्त पानी, नारियल पानी या नींबू पानी पीते रहना बहुत जरूरी है।

क्या न खाएं (Foods to Avoid)
तेल-मसाले वाला और फास्ट फूड: फास्ट फूड और तला हुआ खाना पेट की समस्या को और बढ़ा सकता है। ऐसे भोजन से गैस, एसिडिटी और दस्त की शिकायत ज्यादा हो सकती है।
ज्यादा मीठा और पैकेज्ड खाना: केक, मिठाइयां और पैकेज्ड स्नैक्स में मौजूद शुगर और केमिकल पेट के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं, खासकर जब पाचन पहले से कमजोर हो।
अत्यधिक कॉफी या शराब: कॉफी और शराब पेट की अंदरूनी परत को नुकसान पहुँचाती हैं। इससे जलन, दर्द और दस्त की समस्या बढ़ सकती है।
कच्ची या अधपकी सब्जियां और फल: कच्चा या अधपका भोजन पेट में संक्रमण का कारण बन सकता है, जिससे पेट खराब होने की संभावना बढ़ जाती है।
डेयरी उत्पाद (अगर लैक्टोज इंटॉलरेंस हो): जिन लोगों को दूध या दूध से बने उत्पाद पचाने में दिक्कत होती है, उन्हें दूध, क्रीम और पनीर से दूरी बनानी चाहिए, क्योंकि इससे गैस और अपच हो सकता है।
कुछ घरेलू उपाय
अदरक की चाय: अदरक में पाचन को बेहतर करने वाले गुण होते हैं। अदरक की हल्की चाय पेट दर्द और अपच में राहत दे सकती है।
सौंफ या अजवाइन: खाने के बाद सौंफ या अजवाइन चबाने से गैस और पेट फूलने की समस्या कम हो सकती है।
छाछ या नींबू पानी: छाछ पेट को ठंडक देती है और पाचन में मदद करती है। नींबू पानी भी शरीर को हाइड्रेट रखता है और कमजोरी दूर करता है।
हल्दी वाला दूध (थोड़ी मात्रा में): अगर पेट में सूजन या हल्का दर्द हो रहा हो, तो थोड़ी मात्रा में हल्दी वाला दूध मदद कर सकता है।

कब डॉक्टर के पास जाएं
लगातार 2–3 दिन से ज्यादा डायरिया या उल्टी। तेज बुखार या पेट में बहुत दर्द। शरीर में पानी की कमी के लक्षण (प्यास, सुस्ती, सिरदर्द)। बार-बार पेट खराब होना गंभीर नहीं है अगर समय रहते हल्का और संतुलित खाना खाया जाए। दही, हल्की सब्जियां, खिचड़ी और पानी आपके पेट को आराम देंगे। साथ ही, तेल-मसाले और फास्ट फूड से बचें। अगर समस्या लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।