नारी डेस्क: अक्सर लोग सिरदर्द को थकान, नींद पूरी न होने, तनाव या माइग्रेन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हर सिरदर्द मामूली नहीं होता। अगर सिर में दर्द बार-बार हो रहा है या दवा लेने के बाद भी ठीक नहीं हो रहा, तो इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ मामलों में लगातार सिरदर्द ब्रेन कैंसर का संकेत भी हो सकता है, इसलिए समय पर इसकी जांच बहुत जरूरी है। आजकल कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और शरीर में लंबे समय तक रहने वाले या अचानक दिखने वाले लक्षणों को अनदेखा करना सही नहीं है। अगर आपको सिरदर्द के साथ कोई और असामान्य लक्षण भी दिख रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
सिर में कैंसर क्या होता है?
सिर या दिमाग में होने वाले कैंसर को मेडिकल भाषा में ब्रेन ट्यूमर कहा जाता है। यह दिमाग की कोशिकाओं में होने वाली असामान्य बढ़त के कारण होता है। ब्रेन ट्यूमर मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है। पहला बेनाइन ट्यूमर होता है, जो धीरे-धीरे बढ़ता है और समय पर इलाज से ठीक किया जा सकता है। दूसरा मैलिग्नेंट ट्यूमर होता है, जो तेजी से फैलता है और अगर समय पर इलाज न हो तो जानलेवा भी हो सकता है।

सिरदर्द कब बन सकता है खतरनाक?
डॉक्टरों के अनुसार, सामान्य सिरदर्द और कैंसर से जुड़े सिरदर्द में फर्क होता है। अगर सिरदर्द लंबे समय तक बना रहे और धीरे-धीरे बढ़ता जाए, तो यह खतरे का संकेत हो सकता है। खासतौर पर अगर दवा लेने के बाद भी दर्द में आराम न मिले, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर सुबह उठते ही सिरदर्द हो, झुकने, खांसने या छींकने पर दर्द बढ़ जाए, या सिरदर्द के साथ उल्टी और मतली महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
सिर में कैंसर होने के प्रमुख लक्षण
सिरदर्द के अलावा भी ब्रेन कैंसर में कई अन्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अगर बिना किसी साफ वजह के बार-बार उल्टी हो रही है, तो यह दिमाग में दबाव बढ़ने का संकेत हो सकता है। आंखों से जुड़ी समस्याएं भी एक अहम संकेत हैं। अचानक धुंधला दिखना, डबल विजन होना या नजर कमजोर होना ब्रेन ट्यूमर की ओर इशारा कर सकता है। इसके अलावा याददाश्त में बदलाव, बात-बात पर गुस्सा आना, व्यवहार में फर्क महसूस होना या दिमागी क्षमता पर असर दिखना भी गंभीर लक्षण हो सकते हैं। कई लोग इन्हें सामान्य मानसिक तनाव समझकर टाल देते हैं, जो आगे चलकर खतरनाक साबित हो सकता है।

कब डॉक्टर के पास जरूर जाएं?
अगर सिरदर्द लंबे समय से बना हुआ है, लगातार बढ़ रहा है या उसके साथ उल्टी, नजर कमजोर होना, याददाश्त में बदलाव जैसे लक्षण दिख रहे हैं, तो बिना देर किए डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। समय पर पहचान और इलाज से गंभीर बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है।
ध्यान रखें: शरीर के संकेतों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। समय पर जांच ही सबसे बड़ा बचाव है।