
नारी डेस्क: महाशिवरात्रि में भगवान शिव की पूजा को बेहद फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से जलाभिषेक और दर्शन करने से कष्ट दूर होते हैं और जीवन में शांति आती है। लेकिन कई लोग मंदिर से लौटते समय अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिनसे पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

मंदिर की दहलीज पर पीठ करके तुरंत न निकलें
दर्शन के बाद कुछ लोग जल्दी में सीधे मुड़कर बाहर निकल जाते हैं। मान्यता है कि शिवलिंग या गर्भगृह की ओर पीठ करके जल्दबाजी में निकलना उचित नहीं माना जाता। बाहर निकलते समय एक क्षण रुककर हाथ जोड़ें, कृतज्ञता व्यक्त करें और फिर शांत मन से प्रस्थान करें। इसे श्रद्धा और विनम्रता का प्रतीक माना जाता है।
प्रसाद या चढ़ाया हुआ सामान इधर-उधर न रखें
कई बार लोग बेलपत्र, फूल या प्रसाद को रास्ते में कहीं भी रख देते हैं या गिरा देते हैं। धार्मिक दृष्टि से यह अनादर माना जाता है। प्रसाद को सम्मानपूर्वक ग्रहण करें या जरूरतमंदों में बांट दें। मंदिर से मिला कोई भी पवित्र वस्तु साफ स्थान पर ही रखें।

बाहर निकलते ही नकारात्मक बातें या झगड़ा न करें
मंदिर शांति और सकारात्मक ऊर्जा का स्थान है। दर्शन के तुरंत बाद झगड़ा करना, गुस्सा करना या किसी की बुराई करना शुभ नहीं माना जाता। कोशिश करें कि कुछ समय तक मन शांत रखें, भगवान का स्मरण करें और सकारात्मक सोच बनाए रखें। माना जाता है कि यही भाव पूजा के फल को स्थिर रखता है।
मंदिर से लौटते समय इन बातों का रखें ख्याल
“ॐ नमः शिवाय” का जाप करते हुए बाहर आएं। घर पहुंचकर प्रसाद परिवार के साथ साझा करें। उस दिन संयमित वाणी और व्यवहार रखें। जरूरतमंद को दान दें, इसे शुभ माना जाता है। मंदिर जाना केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि मन को शुद्ध करने का माध्यम है। इसलिए दर्शन के बाद भी अपने व्यवहार और भावनाओं में श्रद्धा बनाए रखना जरूरी माना जाता है। सही भावना और आचरण से ही सुख-शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।