नारी डेस्क: आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी, बढ़ता तनाव, अनियमित खान-पान और नींद की कमी के कारण माइग्रेन की समस्या बहुत आम हो गई है। माइग्रेन सिर्फ सामान्य सिरदर्द नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जो इंसान की रोज़मर्रा की ज़िंदगी को बुरी तरह प्रभावित करती है। अगर आप भी बार-बार होने वाले तेज़ सिरदर्द और लगातार दवाइयों से परेशान हो चुके हैं, तो योग आपके लिए एक प्राकृतिक और असरदार उपाय बन सकता है।
माइग्रेन क्या है और इसके लक्षण क्या हैं?
माइग्रेन में सिरदर्द आमतौर पर सिर के एक तरफ होता है। यह दर्द 2 घंटे से लेकर 2–3 दिन तक रह सकता है। रोशनी, तेज़ आवाज़ और तेज़ खुशबू से परेशानी होती है। मतली, उल्टी और कमजोरी महसूस होती है। चलने-फिरने या कोई काम करने से दर्द और बढ़ जाता है।

माइग्रेन में योग कैसे फायदेमंद है?
योग एक प्राचीन और बिना साइड-इफेक्ट वाला इलाज है। विशेषज्ञों के अनुसार नियमित योग करने से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है। तनाव और चिंता कम होती है। नर्वस सिस्टम शांत होता है। माइग्रेन के अटैक की आवृत्ति और तीव्रता दोनों कम होती हैं। नियमित अभ्यास से धीरे-धीरे दवाओं पर निर्भरता भी कम हो सकती है।
माइग्रेन में राहत देने वाले 8 असरदार योगासन
हस्तपादासन (Standing Forward Bend): यह आसन सिर की ओर रक्त प्रवाह बढ़ाता है और नर्वस सिस्टम को शांत करता है। इससे सिरदर्द में जल्दी राहत मिलती है।
सेतुबंधासन (Bridge Pose): यह आसन दिमाग को शांति देता है, चिंता कम करता है और गर्दन व पीठ के तनाव को दूर करता है।
शिशुआसन (Child Pose): यह एक बेहद आरामदायक मुद्रा है, जो गर्दन और कंधों के तनाव को कम कर मन को शांत करती है।
मार्जरीआसन (Cat Stretch): यह रीढ़ को लचीला बनाता है और सांस लेने की प्रक्रिया सुधारता है, जिससे शरीर को ज़्यादा ऑक्सीजन मिलती है।
पश्चिमोत्तानासन (दोनों पैरों से आगे झुकना): यह तनाव, गुस्सा और चिड़चिड़ेपन को कम करता है, जो माइग्रेन के बड़े कारण होते हैं।
अधोमुख श्वानासन (Downward Facing Dog): इस आसन में सिर नीचे होने से दिमाग तक ताज़ा रक्त पहुंचता है, जिससे थकान और सिरदर्द में राहत मिलती है।
पद्मासन (Lotus Pose): ध्यान के लिए यह सबसे अच्छी मुद्रा है। इससे मन एकाग्र होता है और शरीर को गहरी शांति मिलती है।
शवासन (Corpse Pose): यह सबसे महत्वपूर्ण आसन है। यह शरीर और दिमाग को पूरी तरह आराम देता है और न्यूरोलॉजिकल दर्द में बहुत फायदेमंद है।

माइग्रेन में और क्या करें? (ज़रूरी टिप्स)
योग का लाभ तभी मिलता है जब इसे रोज़ाना किया जाए। अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम ज़रूर करें। दिनभर पर्याप्त पानी पिएं। पूरी नींद लें और देर रात तक जागने से बचें। मोबाइल और स्क्रीन टाइम कम करें। माइग्रेन भले ही तकलीफदेह हो, लेकिन अनुशासन, योग और सही जीवनशैली से इसे काबू में किया जा सकता है। दवाओं पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। याद रखें शांत मन ही स्वस्थ शरीर की सबसे बड़ी कुंजी है।