नारी डेस्क : समय पर पीरियड न आना महिलाओं में चिंता का कारण बन जाता है। अक्सर इसका सबसे पहला शक प्रेगनेंसी पर जाता है, लेकिन बदलती लाइफस्टाइल, हार्मोनल असंतुलन और कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी पीरियड में देरी की बड़ी वजह हो सकती हैं। अगर आप भी पिछले कुछ हफ्तों या महीनों से अनियमित पीरियड का सामना कर रही हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है।
पीरियड में कितनी देरी सामान्य मानी जाती है?
एक पीरियड साइकल पहले दिन से लेकर अगले पीरियड के पहले दिन तक मानी जाती है।
सामान्य पीरियड साइकल: 28 दिन
कुछ महिलाओं में: 21 से 38 दिन तक भी सामान्य माना जाता है
अगर आपकी साइकल इससे ज्यादा लंबी हो रही है या 1–2 महीने तक पीरियड नहीं आया है, तो इसे पीरियड डिले कहा जाता है।

प्रेगनेंसी के अलावा पीरियड मिस होने के 5 बड़े कारण
थायराइड में गड़बड़ी
थायराइड हार्मोन पीरियड साइकल को कंट्रोल करता है।
हाइपोथायराइड या हाइपरथायराइड
हार्मोन असंतुलन
लंबे समय तक पीरियड रुकना (Amenorrhea)
इन स्थितियों में पीरियड हल्का, भारी या पूरी तरह बंद भी हो सकता है।
हाई प्रोलैक्टिन लेवल
प्रोलैक्टिन हार्मोन ब्रेन की पिट्यूटरी ग्लैंड से निकलता है।
ज्यादा प्रोलैक्टिन लेवल
अनियमित पीरियड
इनफर्टिलिटी की समस्या
तनाव, कुछ दवाइयां और इन्फेक्शन भी प्रोलैक्टिन लेवल बढ़ा सकते हैं।

हीमोग्लोबिन की कमी (एनीमिया)
शरीर में आयरन की कमी होने पर।
एंडोमीट्रियल ग्रोथ प्रभावित होती है
पीरियड में देरी या रुकावट आती है
लगातार थकान और कमजोरी रहती है
अगर बार-बार पीरियड लेट हो रहे हैं, तो Hb लेवल जरूर चेक कराएं।
ज्यादा मोटापा या पोषण की कमी
अधिक वजन होने पर शरीर ज्यादा एस्ट्रोजन बनाने लगता है, जिससे:
हार्मोन असंतुलन
ओव्यूलेशन में दिक्कत
पीरियड रुक सकते हैं
वहीं बहुत ज्यादा डाइटिंग या पोषण की कमी भी पीरियड साइकल को बिगाड़ देती है।
फीवर, इन्फेक्शन और स्ट्रेस
UTI या अन्य इन्फेक्शन
तेज बुखार
मानसिक तनाव और एंग्जायटी
इन कारणों से शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है, जो पीरियड को लेट कर सकता है।

1–2 महीने से पीरियड न आए तो क्या करें?
सबसे पहले प्रेगनेंसी टेस्ट करें
अगर प्रेगनेंट नहीं हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें
बिना सलाह घरेलू उपायों से जबरन पीरियड लाने की कोशिश न करें
ब्लड टेस्ट (थायराइड, Hb, प्रोलैक्टिन) करवाएं
स्ट्रेस कम करें और पोषणयुक्त डाइट लें
नोट: जबरदस्ती पीरियड लाने की दवाइयां या नुस्खे नुकसानदेह हो सकते हैं।
1–2 महीने तक पीरियड न आना हमेशा प्रेगनेंसी की वजह से नहीं होता। हार्मोन, लाइफस्टाइल और सेहत से जुड़ी कई समस्याएं इसकी वजह बन सकती हैं। समय रहते जांच और सही इलाज से इस समस्या को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।