
नारी डेस्क: अब मोरिंगा सिर्फ खाने के लिए ही नहीं, बल्कि मासिक धर्म के दौरान महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी काम आ सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि मोरिंगा आधारित सैनिटरी पैड्स यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI), बैक्टीरियल वैजिनोसिस (BV) और यीस्ट इन्फेक्शन के खतरे को कम करने में मददगार हैं।
मोरिंगा क्यों है खास?
मोरिंगा, जिसे सहजन या ‘मिरेकल ट्री’ भी कहा जाता है, में कई जैव-सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं। ये यौगिक एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होते हैं। पैड में मोरिंगा के इस्तेमाल से हानिकारक बैक्टीरिया जैसे ई.कोलाई और अन्य रोगजनक बढ़ने से रोकते हैं। त्वचा में जलन और सूजन कम होती है। मासिक धर्म के दौरान संवेदनशील त्वचा की सुरक्षा होती है।

एक्सपर्ट्स की राय
“सैनिटरी पैड की टॉप-शीट कई दिनों तक संवेदनशील त्वचा के संपर्क में रहती है। मोरिंगा की मौजूदगी से बैक्टीरिया और संक्रमण का जोखिम कम होता है।”
मोरिंगा के अतिरिक्त फायदे
इसमें क्वेरसेटिन और क्लोरोजेनिक एसिड जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो सूजन और लालिमा को कम करने में मदद करते हैं। लंबे समय तक पैड पहनने वाली महिलाओं, कामकाजी महिलाओं और स्कूल जाने वाली लड़कियों में असहजता और चफिंग का खतरा घटता है। यह संतुलित वैजाइनल पीएच बनाए रखने में भी मदद करता है, जो संक्रमण रोकने के लिए जरूरी है।

रिसर्च और अध्ययन
2025 में Life जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, मोरिंगा में आम दवाओं की तुलना में 2.5 गुना अधिक सूजन-रोधी (anti-inflammatory) गुण पाए गए। मोरिंगा लीफ एक्सट्रैक्ट्स ग्राम-पॉजिटिव और ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया दोनों के खिलाफ असरदार हैं। इसे एंटीबायोटिक रेज़िस्टेंस से निपटने का प्राकृतिक विकल्प भी माना जा रहा है। ध्यान दें: मोरिंगा की पत्तियों का इस्तेमाल पैड बनाने की सामग्री में किया जाता है, इसे सीधे पैड में इस्तेमाल नहीं किया जाता। मोरिंगा आधारित सैनिटरी पैड्स महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक, सुरक्षित और प्रभावी विकल्प साबित हो सकते हैं।