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प्यार हो तो ऐसा: हादसे में खोया हमसफर, अब पत्नी का 'वैक्स स्टेच्यू' बनाकर किया गृह प्रवेश

  • Edited By Janvi Bithal,
  • Updated: 12 Aug, 2020 12:40 PM
प्यार हो तो ऐसा: हादसे में खोया हमसफर, अब पत्नी का 'वैक्स स्टेच्यू' बनाकर किया गृह प्रवेश

प्यार का एहसास बहुत खूबसूरत होता है। खासकर पति पत्नी का रिश्ता बहुत खास होता है। हर मोड़ पर एक दूसरे के लिए खड़े होने वाले पति पत्नी एक दूसरे के बिना अधूरे हैं। वहीं हमारी जिंदगी में कोई न कोई प्यार की निशानी जरूर होती है जिसे देख कर हम अक्सर खुश हो जाते हैं लेकिन कईं बार अपने हमसफर के साथ बिताए वो पल और वो समय हमारे दिल में हमेशा यादें बन कर रह जाते हैं, दुख की बात यह होती है कि हमारे साथ हमारा हमसफर नहीं होता है। हम अक्सर उन्हें जिंदगी के हर एक मौके पर याद करते हैं लेकिन वो जिस दुनिया में चले जाते हैं वहां से वापिस आना मुमकिन नहीं होता है। 

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वहीं कर्नाटक के कोप्पल में एक ऐसी ही प्यार की कहानी सामने आई है। जहां पति ने पत्नी के प्यार में उसके सपनों का आशियाना बनाया। इस खास मौके पर उनकी पत्नी तो मौजूद नहीं थी लेकिन पत्नी के मौजूदगी का एहसास करने के लिए उन्होंने अपनी पत्नी का वैक्स स्टेच्यू बनाया जिसे देख सब हैरान रह गए। 

दरअसल श्रीनिवास गुप्ता की पत्नी साल 2017 में एक सड़क हादसे में दुनिया को अलविदा कह गई थी। पत्नी माधवी की मौत के बाद श्रीनिवास गुप्ता को उनकी हर मोड़ पर कमी महसूस होती और उन्हीं की कमी को पूरा करने के लिए उन्होंने पत्नी की मूर्ति बनवा ली और जब 8 अगस्‍त को नए मकान का गृह प्रवेश हुआ तो श्रीनिवास गुप्ता ने अपनी पत्नी की मूर्ती के साथ सभी मेहमानों का स्वागत किया।

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गुलाब रंग की साड़ी, बालों में गजरा, गले में जेवर पहने माधवी को देख सब हैरान रह गए। सोशल मीडिया पर भी जब यह फोटोज वायरल हुई तो लोगों को देखकर लगा ही नहीं कि यह महज एक मूर्ती है।

पत्नी के सपने को किया पूरा 

श्रीनिवास गुप्ता की पत्नी का सपना था कि उनका एक प्यारा सा घर हो जिसमें उनका परिवार खुशी खुशी रहे और श्रीनिवास गुप्ता ने अपनी पत्नी का सपना पूरा किया।

पत्नी की मूर्ती देखना सुखद एहसास : श्रीनिवास गुप्ता

वहीं मीडिया रिपोर्टस की मानें तो पत्नी की मूर्ती पर श्रीनिवास गुप्ता का कहना है, पत्नी को अपने घर में देखना एक सुखद एहसास है क्योंकि यह उसका सपनों वाला घर था। वहीं इस मूर्ति को तैयार करने में तकरीबन एक साल का वक़्त लगा और ये सालों साल रहे इसके लिए वैक्स के साथ सिलिकॉन इस्तेमाल की गई है।

 

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