नारी डेस्क: अक्सर हमारा गलत खान-पान हमारी सेहत पर गहरा असर डालता है, लेकिन कई बार रोजमर्रा में खाई जाने वाली आम चीजें भी धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाने लगती हैं। ऐसी ही एक आदत है सुबह नाश्ते में चाय के साथ ब्रेड खाना। आजकल ज्यादातर लोग मक्खन लगी व्हाइट ब्रेड और साथ में उबले अंडे को एक परफेक्ट ब्रेकफास्ट मानते हैं। स्वाद में यह कॉम्बिनेशन भले ही अच्छा लगे, लेकिन क्या यह सेहत के लिए सुरक्षित है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि रोजाना ब्रेड खाने की आदत कैंसर का खतरा बढ़ा सकती है, खासकर आंतों से जुड़ी बीमारियों का। यहां जानें क्या वाकई रोज ब्रेड खाने से कैंसर हो सकता है?
ब्रेड में क्या है खतरनाक? White Bread Risk For Cancer
व्हाइट ब्रेड में बहुत अधिक मात्रा में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट (मैदा) होता है।
इसमें, फाइबर लगभग नहीं होता
पोषण तत्व बेहद कम होते हैं
ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है

रोजाना ज्यादा मात्रा में व्हाइट ब्रेड खाने से
ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है
मोटापा और डायबिटीज का खतरा बढ़ता है
इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है
शरीर में सूजन (Inflammation) बढ़ने लगती है
लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन को कई गंभीर बीमारियों, यहां तक कि कैंसर से भी जोड़ा जाता है।
ब्रेड खाने से कौन-सी बीमारी हो सकती है?
एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि इंफ्लामेशन बढ़ाने वाले फूड कोलन कैंसर (Colon Cancer) के खतरे को बढ़ा सकते हैं।
अध्ययन के अनुसार जो लोग नियमित रूप से पैकेट वाली सफेद ब्रेड का अधिक सेवन करते हैं।
उनमें कोलन कैंसर से मरने का खतरा एक तिहाई से ज्यादा बढ़ सकता है।
हालांकि एक्सपर्ट यह भी स्पष्ट करते हैं कि सिर्फ ब्रेड खाने से कैंसर नहीं होता, लेकिन यह आदत आंतों की सेहत को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है।

आंतों को क्यों होता है सबसे ज्यादा नुकसान?
फाइबर की कमी से गट हेल्थ खराब होती है
कब्ज, गैस और सूजन की समस्या बढ़ती है
अच्छे बैक्टीरिया कम होने लगते हैं
आंतों में क्रॉनिक इंफ्लेमेशन बन सकता है
यही कारण है कि एक्सपर्ट आंतों को सबसे ज्यादा प्रभावित अंग मानते हैं।
कोलन कैंसर के संकेत क्या हैं?
अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें
पेट में लगातार दर्द, ऐंठन और कब्ज या दस्त बने रहना।
मल में खून आना और बिना वजह वजन कम होना।
थकान और कमजोरी महसूस होना।

रोजाना ब्रेड खाने के नुकसान
ब्लड शुगर लेवल बढ़ना
पाचन प्रक्रिया सुस्त होना
शरीर में पोषण तत्वों की कमी
दिल की बीमारियों का खतरा
वजन तेजी से बढ़ना।
ब्रेड की जगह क्या खाना बेहतर है?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ब्रेड की जगह रोटी को आहार में शामिल करें।
गेहूं, बाजरा, ज्वार या मल्टीग्रेन रोटी बेहतर विकल्प हैं
दरअसल ब्रेड को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए केमिकल और प्रिज़र्वेटिव्स का इस्तेमाल किया जाता है, जो सेहत के लिए सही नहीं माने जाते।
नोट: रोजाना व्हाइट ब्रेड खाना सीधे कैंसर का कारण नहीं है, लेकिन यह आंतों की सेहत को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकता है और लंबे समय में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है। इसलिए बेहतर यही है कि ब्रेड को रोज की आदत न बनाएं और उसकी जगह रोटी व फाइबर-युक्त भोजन को प्राथमिकता दें।