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मांग में भरती हैं सिंदूर तो आपके लिए जानना जरूरी हैं ये बातें

  • Edited By Anjali Rajput,
  • Updated: 21 Dec, 2019 10:23 AM
मांग में भरती हैं सिंदूर तो आपके लिए जानना जरूरी हैं ये बातें

भारतीय महिलाओं के लिए सिंदूर का काफी महत्व है क्योंकि यह सुहाग की निशानी माना जाता है। हिंदू रीति-रिवाजों में शादी के वक्त पति पत्नी की मांग में सिंदूर भरता है, जिसके बाद शादीशुदा महिला हमेशा मांग में सिंदूर लगाती है। भारतीय परंपरा के अनुसार जो महिला मांग में सिंदूर भरती है उसे सुहागन माना जाता है।

 

मगर, इसके अलावा भी सिंदूर लगाने के बहुत से कारण हैं। तो चलिए जानते हैं कि महिलाएं मांग में सिंदूर क्यों भरती हैं......

महिलाएं क्यों लगाती हैं सिंदूर?

-पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी पार्वती अपने पति शिवजी को बुरी नजर से बचने के लिए सिंदूर लगाती थी। माता सीता भी भगवान राम की लंबी उम्र के लिए सिंदूर लगाती थीं।

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-ऐसी माना जाता है कि लक्ष्मी का पृथ्वी पर पांच स्थानों पर वास है, जिसमें से एक स्थान सिर भी है। यही कारण है कि विवाहित महिलाएं मांग में माता का प्रिय सिंदूर भरती हैं, ताकि उनके घर में लक्ष्मी का वास हो और सुख-समृद्धि आए।

-वहीं, यह लाल रंग एक औरतों की खुशियां, ताकत, स्वास्थ्य, सुंदरता आदि से सीधे जुड़ा है। हजारों वर्षों से विवाहित स्त्री की पहचान बनने वाला सिंदूर किसी के लिए सेहत, समृद्धि, पति की लंबी की निशानी है तो वहीं कुछ महिलाओं के लिए यह फैशन स्टेटमेंट बन चुका है।

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लाल या पीला सिंदूर 

'सिंदूर' 2 तरह का होता है, लाल व पीला। माता सती और पार्वती की शक्ति और ऊर्जा, लाल रंग से जानी जाती है इसलिए महिलाएं ज्यादातर इसी रंग का सिंदूर लगाना पसंद करती हैं। हालांकि कुछ जगहों पर पीला सिंदूर लगाने की भी परंपरा है। छठ पूजा के लिए भी पीले रंग के सिंदूर का ही यूज किया जाता है।

वास्तु और सिंदूर का महत्व

1. शास्त्रों के अनुसार, जो महिलाएं मांग में लंबा सिंदूर लगाती है उनके पति को खूब मान-सम्मान मिलता है।

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2. महिलाए इस बात का बेहद ही ख्याल रखे की बिना स्नान करें सिंदूर कभी न लगाए। साथ ही किसी दूसरी महिला का सिंदूर ना लगाएं और किसी को अपना सिंदूर दें। इससे पति का प्यार बंट जाता है।

3. कई बार महिलाएं जमीन पर गिरे हुए सिंदूर को डिब्बी में भरकर यूज कर लेती हैं, लेकिन ऐसा करना अपशगुन होता हैं। सिंदूर अगर जमीन पर गिर जाए तो वो अपवित्र हो जाता हैं। इसे दोबारा यूज नहीं करना चाहिए।

4. नवविवाहित महिलाएं इस बात का खास ख्याल रखे की जो सिंदूर उन्हें शादी के समय मिला है उसी को कुछ दिनों तक लगाए और उस सिंदूर को संभाल कर रखें।

5. शास्त्रों के अनुसार, सिंदूर मांग में दिखाई भी देना चाहिए। सिंदूर छिपाने से पति को मान-सम्मान नहीं मिलता।

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सिंदूर और सेहत का भी गहरा क्नैक्शन

सिंदूर का संबंध सिर्फ पौराणिक कथाओं, या वास्तु से ही नहीं है बल्कि सेहत से भी सिंदूर का गहरा क्नैक्शन है। दरअसल, महिलाएं जहां सिंदूर लगाती हैं वो 'ब्रह्मरंध्र' और 'अध्मि' नामक कोमल स्थान के ठीक ऊपर होता है। सिंदूर में मौजूद तत्व इस स्थान से शरीर में मौजूद वैद्युतिक ऊर्जा को नियंत्रित करती है। इससे ब्लड प्रैशर कंट्रोल, तनाव अनिद्रा दूर भाग जाती हैं। यही नहीं, यह चेहरे पर झुर्रियां भी नहीं पड़ने देता।

सेहत के लिए हानिकारक है सिंथेटिक सिंदूर

आजकल सिंथेटिक सिंदूर ज्यादा मिलता है, जिसे पारा, शीशा, सिंथेटिक डाइ और सल्फेट होता है। इससे ना सिर्फ हेयरफॉल के अलावा त्वचा में जलन और कैंसर जैसी समस्याएं हो सकती है। वहीं, ऑर्गेनिक तरीके से तैयार सिंदूर का कोई साइड-इफैक्ट नहीं होता।

कैसे बनाएं नैचुरल सिंदूर?

इसके लिए आप हल्दी, फिटकरी व सुहागा को मिक्स करके इसमें नींबू का रस मिलाएं। अब इसे किसी डिब्बी में भर लें और यूज करें।

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