
नारी डेस्क: हम रोज जिस कुकवेयर (बर्तन) में खाना बनाते हैं, वही हमारी सेहत पर बड़ा असर डाल सकता है। हर कुकवेयर खराब नहीं होता, लेकिन गलत तरीके से इस्तेमाल या खराब हालत में इस्तेमाल किया गया बर्तन आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकता है। कई आम बर्तनों में इस्तेमाल होने वाले मेटल या केमिकल्स, खासकर जब बर्तन खराब या ज्यादा गर्म हो जाते हैं, तो खाने में मिल सकते हैं जिसे “लीचिंग” कहा जाता है। यह धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए बर्तन चुनते समय और इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। चलिए जानते हैं कौन- कौन से कुकवेयर हैं सेहत के लिए खतरनाक

नॉन-स्टिक पैन (Non-stick cookware)
जब यह पैन स्क्रैच हो जाता है या बहुत ज्यादा गर्म होता है, तो इसकी कोटिंग से हानिकारक केमिकल निकल सकते हैं, लंबे समय में ये शरीर पर बुरा असर डाल सकते हैं। इसके लिए हमेशा लकड़ी या सिलिकॉन स्पैचुला इस्तेमाल करें और पैन को ओवरहीट न करें।
एल्युमिनियम के बर्तन
एल्युमिनियम खाने में मिल सकता है, खासकर खट्टे (टमाटर, नींबू) खाने बनाते समय। ज्यादा मात्रा में यह शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। एनोडाइज्ड एल्युमिनियम या स्टील का इस्तेमाल बेहतर है।
कॉपर (तांबे) के बर्तन
बिना कोटिंग वाले तांबे के बर्तन में खाना बनाने से कॉपर सीधे खाने में मिल सकता है, ज्यादा कॉपर शरीर के लिए टॉक्सिक हो सकता है। ऐसे में टिन-कोटेड (kalai) या स्टील-लाइनिंग वाले बर्तन ही इस्तेमाल करें।

प्लास्टिक कंटेनर
गर्म खाना या माइक्रोवेव में प्लास्टिक इस्तेमाल करने से केमिकल्स (जैसे BPA) निकल सकते हैं। ये हार्मोनल बैलेंस को प्रभावित कर सकते हैं। हमेशा ग्लास या स्टील कंटेनर का इस्तेमाल करें।
पुराने या खरोंच वाले बर्तन
चाहे कोई भी मटेरियल हो, अगर बर्तन में खरोंच या दरार है तो उससे मेटल या केमिकल ज्यादा निकल सकते हैं। ऐसे बर्तनों को तुरंत बदल देना ही समझदारी है।
सेफ कुकवेयर के बेहतर विकल्प
स्टेनलेस स्टील, कास्ट आयरन (लोहे के बर्तन), ग्लास या सिरेमिक ये सेहत को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाते। याद रखें सही बर्तन सिर्फ स्वाद नहीं, आपकी सेहत भी तय करते हैं।