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Periods के दौरान आते हैंं मोटे खून के थक्के तो यहां लापरवाही ना बरतें

  • Edited By Vandana,
  • Updated: 15 May, 2026 08:19 PM
Periods के दौरान आते हैंं मोटे खून के थक्के तो यहां लापरवाही ना बरतें

नारी डेस्कः महिला की जिंदगी में मासिक चक्र का सबसे अधिक महत्व रहा है क्योंकि पीरियड्स से महिला की हैल्थ और प्रजनन क्षमता दोनों जुड़े हैं और जब पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं आती है तो इसका असर भी शरीर पर अलग अलग प्रभावों में नजर आता है। इन सब समस्याओं में एक समस्या पीरियड्स के दौरान खून के थक्के यानि मोटे ब्लड क्लॉट आना है हालांकि ऐसा होना सामान्य है लेकिन कई बार यह किसी असामान्य हैल्थ प्रॉब्लम की ओर भी इशारा कर देती हैं जो इस बात पर निर्भर करता है कि क्लॉट कब से आ रहे हैं आकार में कितने हैं या इसके बाद दर्द या कमजोरी कितनी रहती है।  

ब्लड क्लॉट क्यों आते हैं?

पहले यही समझते हैं कि पीरियड्स के दौरान ब्लड क्लॉट आते क्यों है तो बता दें कि पीरियड्स के दौरान शरीर खून को पतला रखने के लिए एंटीकोएगुलेंट बनाता है। जब ब्लीडिंग बहुत ज्यादा होती है तो शरीर उसे पूरी तरह पतला नहीं कर पाता और क्लॉट बन जाते हैं।इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसेः
हार्मोनल असंतुलन (एस्ट्रोजन-प्रोजेस्टेरोन में गड़बड़ी)
भारी पीरियड्स (Heavy menstrual bleeding)
गर्भाशय में फाइब्रॉइड या पॉलीप
एंडोमेट्रियोसिस
पीसीओएस
थायरॉइड की समस्या
आयरन की कमी या एनीमिया
गर्भपात/प्रेग्नेंसी से जुड़ी स्थिति
कॉपर-टी (IUD) का असर
उम्र के साथ प्री-मेनोपॉज़ बदलाव
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कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

अगर ऐसी स्थिति है तो आपका गाइनोकोलोजिस्ट को दिखाना अति आवश्यक हो जाता है अगर क्लाटिंग बार-बार और बहुत बड़े आकार
(लगभग ₹10 के सिक्के से बड़े) में हो रही है। 
हर 1–2 घंटे में पैड/टैम्पॉन बदलना पड़ रहा हो।
ब्लीडिंग के साथ बहुत तेज दर्द हो तब भी। 
महिला को चक्कर कमजोरी और सांस फूलने जैसी दिक्कतें हो रही हो।
पीरियड 7 दिन से ज्यादा रहते हो।
अचानक पहले से बहुत ज्यादा ब्लीडिंग शुरू होना।
तो स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से जांच कराना जरूरी है।
डॉक्टर CBC और आयरन टेस्ट, थायरॉइड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड, हार्मोन जांच के टेस्ट करवा सकते हैं। स्थिति और कारणों के देखकर ही आगे इलाज होगा।

घर पर ध्यान रखने वाली बातें

आयरन-युक्त भोजन जैसे पालक, चना, गुड़, दालें खाते रहें।
पर्याप्त पानी पिएं।
बहुत ज्यादा कमजोरी हो तो आराम करें।
पीरियड्स का पूरा रिकॉर्ड रखें जैसे फ्लो, क्लॉट, दर्द की जानकारी।

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