
नारी डेस्क: गर्मियों की शुरुआत होते ही बाजारों और पेड़ों पर जामुन नजर आने लगते हैं। स्वाद में हल्का खट्टा-मीठा यह फल सिर्फ खाने में ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है। खासतौर पर इसके बीज आयुर्वेद में लंबे समय से उपयोग किए जाते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जामुन के बीज ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं। ऐसे में इस सीजन अगर आप जामुन खा रहे हैं, तो इसके बीज फेंकने की बजाय संभालकर रखना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
जामुन के बीज के फायदे
जामुन के बीज में कई ऐसे प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं जो शरीर के लिए लाभकारी होते हैं। उनका कहना है कि नियमित रूप से जामुन के बीज का पाउडर सेवन करने से डायबिटीज को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को भी मजबूत बनाता है। डॉक्टर बताते हैं कि जामुन के बीज में कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, सोडियम, फॉस्फोरस, विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट जैसे जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। यही कारण है कि इसे आयुर्वेद में काफी उपयोगी माना गया है।

ऐसे तैयार करें जामुन के बीज का पाउडर
जामुन के बीज का उपयोग करने से पहले इसे सही तरीके से तैयार करना जरूरी होता है। सबसे पहले जामुन के बीजों को अच्छी तरह पानी से धो लें ताकि उन पर लगी गंदगी साफ हो जाए। इसके बाद इन्हें धूप में अच्छी तरह सुखा लें। जब बीज पूरी तरह सूख जाएं, तब इनके ऊपर का छिलका किसी पत्थर या भारी वस्तु की मदद से तोड़कर अलग कर दें। इसके अंदर मौजूद मुख्य भाग को पीसकर बारीक पाउडर बना लें। इस पाउडर को किसी साफ और सूखे डिब्बे में स्टोर करके रखा जा सकता है।
सेवन का सही तरीका
विशेषज्ञों के अनुसार, जामुन के बीज के पाउडर का सेवन सुबह खाली पेट और शाम को गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है। रोजाना एक चम्मच पाउडर लेना लाभकारी माना जाता है। हालांकि, जिन लोगों को पहले से कोई गंभीर बीमारी है या जो नियमित दवाइयां ले रहे हैं, उन्हें इसका सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद
जामुन सिर्फ शुगर कंट्रोल तक सीमित नहीं है। इसमें पोटैशियम की मात्रा अच्छी पाई जाती है, जो दिल की सेहत के लिए लाभकारी मानी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जामुन हार्ट बीट को संतुलित रखने में मदद कर सकता है। साथ ही यह ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में भी सहायक माना जाता है। नियमित रूप से सीमित मात्रा में जामुन का सेवन करने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा भी कम हो सकता है। यही वजह है कि आयुर्वेद में इसे शरीर के लिए एक प्राकृतिक और लाभकारी फल माना गया है।
प्राकृतिक उपाय, लेकिन सावधानी भी जरूरी
हालांकि जामुन के बीज को आयुर्वेदिक उपाय माना जाता है और आमतौर पर इसके गंभीर साइड इफेक्ट नहीं बताए जाते, लेकिन किसी भी घरेलू नुस्खे को जरूरत से ज्यादा अपनाना सही नहीं होता। डायबिटीज के मरीजों को अपनी नियमित दवाइयां बिना डॉक्टर की सलाह के बंद नहीं करनी चाहिए। जामुन के बीज का पाउडर केवल एक सहायक उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
