
नारी डेस्क: आज दिन की शुरुआत एक दुखद खबर के साथ हुई। समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव ने बेहद छोटी उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया । बताया जा रहा है कि वह कुछ दिनों से बीमार थे। प्रतीक यादव भले ही सक्रिय राजनीति से दूर रहे, लेकिन वह हमेशा देश के सबसे चर्चित राजनीतिक परिवारों में गिने जाने वाले यादव परिवार का अहम हिस्सा रहे। चलिए आज बताते हैं उनकी और अपर्णा यादव की लव स्टोरी के बारे में

कुछ साल पहले अपर्णा यादव ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वे और प्रतीक अलग-अलग स्कूल में पढ़ते थे, लेकिन कुछ स्कूल प्रोग्राम्स में उनकी मुलाकात हो जाती थी, तब उन्हें इसका अंदाजा नहीं था कि प्रतीक मुलायम के बेटे हैं। दोनों की मुलाकात कुछ कॉमन फ्रेंड्स के जरिये हुई थी। भाजपा नेता ने बताया था कि 2001 में एक बर्थडे पार्टी में प्रतीक यादव ने उनसे उनका ईमेल एड्रेस मांगा क्योंकि तब मोबाइल ज्यादा चलन में नहीं थे। ईमेल एड्रेस देने के कुछ दिनों बाद जब अपर्णा ने अपना मेल चेक किया तो वहां प्रतीक की कई मेल आई हुई थीं जिनमें उन्होंने अपर्णा के लिए अपने प्यार का इजहार किया था।

10 साल लंबे रिलेशनशिप में रहने के बाद अपर्णा और प्रतीक ने साल 2011 में सगाई कर ली, फिर साल 2012 में दोनों ने शादी कर ली। यह यूपी की सबसे हाई प्रोफाइल शादियों में से एक थी। इसमें सुपरस्टार अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और अनिल अंबानी जैसे दिग्गज शामिल हुए थे। देश के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले प्रतीक राजनीति से दूर थे। उनका रियल एस्टेट और फिटनेस का बिजनेस था। प्रतीक ने लखनऊ में आयरन कोर फिट (Iron Core Fit) नाम से हाई एंड जिम बिजनेस शुरू किया था।

बीते दिनों प्रतीक यादव अपर्णा यादव से तलाक़ की खबरों को लेकर भी सुर्खियों में रहे थे। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट कर अपर्णा से तलाक लेने की बात कही थी, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी पर कई तरह के आरोप भी लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि वो जल्द ही अपर्णा से तलाक़ लेंगे, क्योंकि उनकी वजह से उनके पारिवारिक रिश्ते ख़राब हो गए हैं। उन्होंने अपर्णा पर परिवार को तोड़ने का आरोप लगाते हैं उन्हें स्वार्थी और बुरी आत्मा बताया था।

38 वर्षीय प्रतीक यादव रियल एस्टेट व्यवसाय, फिटनेस सेंटर और पशु कल्याण के क्षेत्र में काम करते थे और बेघर लोगों के लिए एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) भी चलाते थे। वहीं मेनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशंस और पॉलिटिक्स में पोस्ट ग्रेजुएट अपर्णा यादव एक ट्रेंड क्लासिकल सिंगर भी हैं। भले ही उन्होंने ससुराल वालों की तरह ही राजनीति में कदम रखा लेकिन उनका रास्ता अलग था। उनके भाजपा में शामिल होने से राजनीतिक परिवारगत विभाजन का मुद्दा सुर्खियों में आया