नारी डेस्कः शरीर के मुख्य अंगों की बात करें तो किडनी शरीर का फिल्टर सिस्टम है, जो खून साफ कर विषैले पदार्थ और अतिरिक्त पानी बाहर निकालती है। शरीर का ब्लड प्रेशर और मिनरल बैलेंस भी किडनी ही नियंत्रित करती है। किडनी में इंफेक्शन होने पर पेशाब में जलन, कमर दर्द, बुखार, सूजन और कमजोरी जैसे लक्षण दिख सकते हैं इसलिए समय पर इसका इलाज करना बेहद जरूरी है लेकिन अगर किडनी में इंफेक्शन (Kidney Infection) हो रही है तो शरीर पर कई तरह के संकेत दिखते हैं। इसलिए इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है क्योंकि इलाज में देरी से इंफेक्शन गंभीर हो सकता है।
किडनी इंफेक्शन होने के आम लक्षण
यूरिन करते समय जलन या दर्द होना और लंबे समय से यह हो रहा है।
बार-बार यूरिन आने की इच्छा।
यूरिन में बदबू या धुंधलापन दिखना।
यूरिन में खून आना
कमर या पीठ के निचले हिस्से (एक तरफ) में दर्द।
बुखार और ठंड लगना।
मतली या उल्टी आना।
कमजोरी और थकान रहना।
पेट के निचले हिस्से में दर्द
कभी-कभी सूजन या हाई ब्लड प्रेशर
अगर तेज बुखार, बहुत दर्द, उल्टी या पेशाब रुकने जैसी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

किन लोगों को किडनी इंफेक्शन का ज्यादा खतरा
बार-बार यूरिन इंफेक्शन होना
पानी कम पीने से।
टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों को।
किडनी स्टोन के चलते भी किडनी में इंफेक्शन हो जाता है।
कमजोर इम्यून सिस्टम भी इंफेक्शन के रिस्क को बढ़ा देती है।
लंबे समय तक पेशाब को रोके रखने से।

किडनी हेल्थ के लिए सबसे अच्छे आहार
1. पर्याप्त पानी पीएं
सबसे जरूरी चीज है पर्याप्त पानी पीना। इससे शरीर के टॉक्सिन और बैक्टीरिया बाहर निकलने में मदद मिलती है। दिन में 8 से 10 गिलास पानी पीना तो बहुत जरूरी है। यदि किसी को पहले से किडनी फेलियर या डॉक्टर द्वारा पानी सीमित करने की सलाह हो तो उसी अनुसार पानी लें।
2. ये फल बहुत अच्छे
किडनी को हैल्दी रखने का काम फल भी करते हैं। जैसे- सेब, पपीता, तरबूज, अंगूर, बेरीज (ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी), ये सब एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर देते हैं।
3. हरी सब्जियां दिखाएंगी कमाल
लौकी, तोरी, खीरा,पत्ता गोभी, फूलगोभी को कम नमक और हलके मसालों के साथ बनाकर खाना बेहतर है। इसे डाइट में शामिल करना जरूरी है।
4. हेल्दी प्रोटीन
हैल्दी प्रोटीन में भी आपकी किडनी को स्वस्थ रखते हैं। दालों का सीमित मात्रा में सेवन जरूर करें। मूंग दाल, अंडे का सफेद भाग और मछली का सेवन किया जा सकता है लेकिन याद रखें कि प्रोटीन की अधिक मात्रा किडनी पर दबाव डाल सकती है इसलिए उचित मात्रा में ही इसका सेवन जरूरी है।
5. कम नमक वाला भोजन
अपने खाने में नमक का सेवन कम करें क्योंकि अधिक नमक ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है जिससे किडनी पर इसका असर पड़ता है। पैक्ड फूड, चिप्स, प्रोसेस्ड फूड कम लें।
6. साबुत अनाज जरूर लें
ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस (सीमित मात्रा में) का सेवन किया जा सकता है लेकिन कुछ भी डाइट में बदलाव करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना ना भूलें।
किन चीजों से बचना बेहतर है?
बहुत ज्यादा नमक
कोल्ड ड्रिंक और अत्यधिक शुगर
ज्यादा तला-भुना खाना
अत्यधिक दर्द निवारक दवाएं बिना सलाह के खासकर NSAIDs
शराब और धूम्रपान का सेवन
इन फल सब्जियों का सेवन ना करें?
किडनी इंफेक्शन या कमजोर किडनी की स्थिति में कुछ फल और सब्जियां सीमित या डॉक्टर की सलाह से ही खानी चाहिए, खासकर अगर क्रिएटिनिन बढ़ा हो या किडनी सही तरह काम न कर रही हो जिसमें पोटैशियम ज्यादा होता है वो फल सब्जियां खाने से बचें। केला, संतरा और मौसंबी, आम, अनार, सूखे मेवे (किशमिश, खजूर), एवोकाडो और सब्जियों में पालक, टमाटर, आलू, शकरकंद, चुकंदर, मशरूम। इनमें पोटैशियम या ऑक्सालेट अधिक हो सकता है, जो कुछ मरीजों में समस्या बढ़ा सकता है।
किन चीजों से खासतौर पर बचें
ज्यादा नमक, अचार, पापड़, पैकेट स्नैक्स, प्रोसेस्ड फूड, कोल्ड ड्रिंक,
बहुत ज्यादा प्रोटीन सप्लीमेंट लेने से भी बचें।
कब टेस्ट करवाना चाहिए
अगर बार-बार यूरिन इंफेक्शन, सूजन, पेशाब में झाग या लगातार कमर दर्द हो रहा हो तो डॉक्टर यूरिन टेस्ट, ब्लड टेस्ट (क्रिएटिनिन), अल्ट्रासाउंड किडनी फंक्शन टेस्ट जैसे टेस्ट लिख सकते हैं।