12 MAYTUESDAY2026 3:47:55 AM
Life Style

बहुत ज्यादा गर्मी महसूस होती तो आपकी Body में चल रही ये समस्या

  • Edited By Vandana,
  • Updated: 11 May, 2026 06:21 PM
बहुत ज्यादा गर्मी महसूस होती तो आपकी Body में चल रही ये समस्या

नारी डेस्कः गर्मी के मौसम में गर्मी लगना तो स्वभाविक है लेकिन कुछ लोगों को गर्मी दूसरों के मुकाबले ज्यादा महसूस होती है जिसके चलते उन्हें घबराहट- जी मचलाना जैसी दिक्कतें होने लगती हैं। वैसे शरीर को अधिक गर्मी लगने के पीछे कई फैक्टर छिपे हो सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति को बार-बार बहुत ज्यादा गर्मी लगना, शरीर में बेचैनी या घबराहट महसूस होना हो, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। खासकर महिलाओं में कई तरह की स्थितियों या बाहरी कारकों के कारण हमेशा गर्मी महसूस हो सकती है। मधुमेह, रजोनिवृत्ति और दवाइयां तापमान में बदलाव का कारण बन सकती हैं।कुछ सामान्य कारण ये हैं:

तनाव और एंग्जायटी (Anxiety/Panic): जिन लोगों को तनाव और एंग्जाइटी की समस्या रहती हैं उन्हें घबराहट के साथ पसीना, दिल तेज धड़कना, गर्मी लगना, हाथ-पैर कांपने जैसी दिक्कतें आम हो सकती हैं। ऐसे में उन्हें गर्मी का एहसास दूसरों के मुकाबले ज्यादा होता है। 
PunjabKesari

थायरॉइड बढ़ना (Hyperthyroidism): थायराइड होने के चलते भी गर्मी ज्यादा लग सकती है। शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है। लक्षणों की बात करें तो गर्मी सहन न होना, वजन कम होना, दिल की धड़कन तेज, घबराहट। हाइपरथायरायडिज्म के लक्षणों में से एक है गर्मी सहन करने में कठिनाई। अन्य लक्षणों में थकान, मांसपेशियों में कमजोरी और हाथों में कंपन शामिल हैं।

ब्लड प्रेशर या शुगर की समस्या: जिन लोगों को ब्लड प्रेशर, शुगर की समस्या है उन्हें भी गर्मी ज्यादा लग सकती है। शुगर कम/ज्यादा होने पर कमजोरी, पसीना, घबराहट और गर्मी लग सकती है।

मधुमेह (शुगर) : इंसुलिन एक हार्मोन है जिसे आपका शरीर बनाता है और यह भोजन से प्राप्त ग्लूकोज (शर्करा) को ऊर्जा में बदल देता है। मधुमेह में , आपका शरीर या तो पर्याप्त इंसुलिन नहीं बनाता है या इंसुलिन पर सही प्रतिक्रिया नहीं देता है। इससे इंसुलिन ग्लूकोज को ऊर्जा में परिवर्तित नहीं कर पाता है, इसलिए रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है। शुगर में रक्त वाहिकाएं और नसें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं जिससे पसीने की ग्रंथियों प्रभावित हो सकती है, जिससे शरीर के लिए खुद को प्रभावी ढंग से ठंडा करना मुश्किल हो जाता है।

मेनोपोज (रजोनिवृत्ति) और हार्मोनल बदलाव: अगर शरीर में हार्मोनल बदलाव हो रहे हैं तो भी आपको गर्मी का एहसास ज्यादा हो सकता है। खासकर महिलाओं में menopause या hormonal imbalance के दौरान hot flashes हो सकते हैं। रजोनिवृत्ति वह अवस्था है जब मासिक धर्म स्थायी रूप से बंद हो जाता है। रजोनिवृत्ति के बाद, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन का स्तर कम हो जाता है। जब एस्ट्रोजन का लेवल कम होता है तो हॉट फ्लैशेस जैसे लक्षण हो सकते हैं  जो शरीर के कुछ हिस्सों जैसे चेहरे, छाती और गर्दन में अचानक गर्मी का एहसास दे सकते हैं।
PunjabKesari

गर्भावस्था: गर्भावस्था के दौरान आपको अधिक गर्मी महसूस होने के तीन कारण हो सकते हैं। पहला शरीर के तापमान को नियंत्रित करने और विनियमित करने की क्षमता, यानी थर्मोरेगुलेशन में प्राकृतिक परिवर्तन होना। बढ़ते भ्रूण के कारण गर्मी उत्पन्न हो सकती है। वजन बढ़ने से शरीर के द्रव्यमान के अनुपात में शरीर की सतह का क्षेत्रफल कम हो जाता है, जिससे आंतरिक गर्मी के वितरण को नियंत्रित करना कठिन हो जाता है।

शरीर में पानी की कमी (Dehydration): अगर आप पानी कम पीते हैं तो यह होना स्वभाविक है। कम पानी पीने से शरीर गरम लग सकता है और बेचैनी बढ़ सकती है।

पसीना ना आना: यदि आपको एनहाइड्रोसिस है, तो इसका मतलब है कि आपको पसीना नहीं आता। इसके कारणों में तंत्रिका क्षति, पसीने की नलिकाओं का अवरुद्ध होना, त्वचा की चोटें और निर्जलीकरण हो सकता है। पसीना शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है, क्योंकि यह ब्लड प्रैशर और मांसपेशियों द्वारा पैदा हुई एक्सट्रा गर्मी को बाहर निकाल देता है। पसीने के उत्पादन के बिना, शरीर खुद को ठीक से ठंडा नहीं कर सकता।

विटामिन या खून की कमी: अगर आपके शरीर में विटामिन या खून की कमी है तो आपको यह दिक्कत हो सकती है। खासकर Vitamin B12, Vitamin D या एनीमिया में कमजोरी और घबराहट महसूस हो सकती है।

कुछ दवाइयों या ज्यादा चाय-कॉफी का असर: जो लोग रेगुलर दवाइयों का सेवन करते हैं या फिर चाय कॉफी जिसमें कैफीन की मात्रा अधिक रहती हैं, तला भूना मसाले दार तीखा खाना ज्यादा खाते हैं तो उन्हें भी गर्मी की समस्या अधिक हो सकती है। कुछ आम दवाएं आपके शरीर की गर्मी को नियंत्रित करने की क्षमता को प्रभावित करती हैं। इससे आप गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं, खासकर यदि आपकी उम्र 65 वर्ष से अधिक है।

बुखार या संक्रमण: अगर आपके शरीर में किसी तरह का अंदरूनी इंफेक्शन है या बुखार है तब भी गर्मी और बैचेनी महसूस हो सकती हैं। जब आपके शरीर का तापमान 100.4 डिग्री फ़ारेनहाइट या उससे अधिक हो जाता है तो इसे बुखार कहते हैं। यह आमतौर पर इस बात का संकेत होता है कि आपका शरीर किसी संक्रमण से लड़ने की कोशिश कर रहा है।
PunjabKesari

अगर बार-बार दिख रहे हैं ये लक्षण

बार-बार हो रही है
दिल तेज धड़कता है
सांस फूलती है
बहुत पसीना आता है
वजन कम हो रहा है
नींद-भूख प्रभावित हो रही है तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

डॉक्टर दे सकते हैं ये टेस्ट सलाह

Thyroid profile (TSH, T3, T4)
ब्लड शुगर टेस्ट
CBC (खून की जांच)
Vitamin B12 / Vitamin D

अत्यधिक गर्मी महसूस होती तो जरूरी है ये बदलाव

अगर आपको हॉट फ्लैशेस होते हैं तो शराब, मसालेदार भोजन और कैफीन से दूर रहे। 
भोजन और तरल पदार्थों से प्रतिदिन 91-125 द्रव औंस पानी पीकर शरीर को हाइड्रेट करें।
एक्सरसाइज करें ताकि आपको पसीना आए। 

ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए?

खूब पानी पिएं।
ज्यादा चाय-कॉफी कम करें।
नींद पूरी लें।
बहुत मसालेदार और गर्म चीजें कम लें।
तनाव कम रखने की कोशिश करें।

Related News