
नारी डेस्क : बढ़ती उम्र के साथ शरीर की ताकत और फिटनेस बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, उम्र बढ़ने का सबसे ज्यादा असर मांसपेशियों और हड्डियों पर पड़ता है। 30 साल के बाद यह प्रक्रिया धीरे-धीरे शुरू होती है और 60 साल के बाद तेजी से बढ़ने लगती है। ऐसे में अब एक आसान टेस्ट सामने आया है, जो सिर्फ 30 सेकंड में आपकी असली फिटनेस का अंदाजा लगा सकता है।
क्या है 30 सेकंड सिट-टू-स्टैंड टेस्ट?
यह टेस्ट बेहद आसान है और इसे घर पर भी किया जा सकता है। इसके लिए आपको सिर्फ एक कुर्सी की जरूरत होगी। टेस्ट में व्यक्ति को कुर्सी पर बैठकर 30 सेकंड के अंदर जितनी बार हो सके खड़ा होना और वापस बैठना होता है। इस दौरान हाथों को सीने पर क्रॉस करके रखना होता है। इस टेस्ट के जरिए मांसपेशियों की ताकत, शरीर की कार्य क्षमता और बढ़ती उम्र के असर का आकलन किया जाता है।

क्यों कमजोर होने लगती हैं मांसपेशियां?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, बढ़ती उम्र के साथ शरीर की तेजी से काम करने वाली मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। इसके अलावा तंत्रिका तंत्र भी मांसपेशियों को पहले जैसी ताकत से एक्टिव नहीं कर पाता। धीरे-धीरे मांसपेशियों में फैट जमा होने लगता है, जिससे शरीर की ताकत और मूवमेंट पर असर पड़ता है।
रिसर्च में क्या सामने आया?
एक स्टडी में 65 साल या उससे ज्यादा उम्र के 1876 लोगों पर रिसर्च की गई। इसमें पाया गया कि जिन लोगों की मसल पावर कम थी, उनमें गिरने, फ्रैक्चर और अस्पताल में भर्ती होने का खतरा ज्यादा था। पुरुषों में कम मसल पावर होने पर गिरने और मृत्यु का खतरा ज्यादा पाया गया। महिलाओं में हिप फ्रैक्चर और लंबे समय तक अस्पताल में रहने का खतरा बढ़ा हुआ देखा गया। रिसर्च के अनुसार, कम मांसपेशियों की ताकत महिलाओं में मृत्यु का खतरा दोगुना तक बढ़ा सकती है।

क्यों जरूरी है यह टेस्ट?
डॉक्टर्स के मुताबिक, यह टेस्ट सिर्फ फिटनेस नहीं बल्कि शरीर की कुल कार्य क्षमता को समझने में मदद करता है। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि भविष्य में व्यक्ति को किन हेल्थ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
फिट रहने के लिए क्या करें?
रोजाना हल्की एक्सरसाइज करें
प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर डाइट लें
पर्याप्त नींद और पानी लें
लंबे समय तक बैठे रहने से बचें
नियमित हेल्थ चेकअप करवाएं।

स्वस्थ और एक्टिव जीवन के लिए मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखना बेहद जरूरी है। छोटी-छोटी आदतें बढ़ती उम्र में भी शरीर को फिट और मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकती हैं।