23 MARMONDAY2026 9:21:12 PM
Life Style

राघव चड्ढा ने की करोड़ों लोगों के हक की बात, कंपनियों से इस्तेमाल न हुए Internet Data को मांगा वापस

  • Edited By vasudha,
  • Updated: 23 Mar, 2026 06:08 PM
राघव चड्ढा ने की करोड़ों लोगों के हक की बात, कंपनियों से इस्तेमाल न हुए Internet Data को मांगा वापस

नारी डेस्क:  आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा ने सोमवार को मोबाइल डेटा के "नियमन और युक्तिकरण" के लिए ज़ोरदार वकालत की। उन्होंने मांग की कि बड़ी टेलीकॉम कंपनियां इस्तेमाल न हुए डेटा को अगले दिन इस्तेमाल करने (रोलओवर) और उसे परिवार और दोस्तों के बीच ट्रांसफर करने के लिए उचित व्यवस्था करें। राज्यसभा में 'जनहित के एक और मुद्दे' को उठाते हुए, चड्ढा ने मोबाइल डेटा के नियमन को अन्य सेवाओं के बराबर लाने और यह सुनिश्चित करने की वकालत की कि मोबाइल यूज़र्स अपने हर पैसे का पूरा इस्तेमाल कर सकें।


यूजर्स के साथ हो रहा धोखा: राघव चड्ढा 

चड्ढा ने उच्च सदन में इस "अनैतिक" प्रथा पर चिंता जताते हुए कहा- "आधी रात के बाद, यूज़र्स का इस्तेमाल न हुआ मोबाइल डेटा जो कुछ भी बचा होता है उसे टेलीकॉम कंपनियां ज़ब्त कर लेती हैं। इसे अगले दिन के लिए आगे नहीं बढ़ाया जाता। ग्राहक से पूरे डेटा का पैसा लिया जाता है, लेकिन दिन के आखिर में उसका इस्तेमाल न हुआ डेटा कंपनी वापस ले लेती है।" पेट्रोल, डीज़ल और बिजली जैसी अन्य उपभोक्ता सेवाओं से तुलना करते हुए, राज्यसभा सांसद ने कहा कि उपभोक्ता जितना इस्तेमाल करते हैं, उतना ही भुगतान करते हैं; लेकिन मोबाइल डेटा के मामले में, यूज़र्स के साथ "धोखा" और असमान व्यवहार किया जाता है।उन्होंने पूछा, "मोबाइल डेटा को अगले दिन इस्तेमाल करने या आगे ले जाने की कोई सुविधा नहीं है। जिस डेटा के लिए हमने भुगतान किया है, उसे क्यों ज़ब्त किया जाना चाहिए?"


 बचा हुआ डाटा कहां जाता है: राघव चड्ढा

चड्ढा ने सदन को बताया कि टेलीकॉम कंपनियां 'दैनिक डेटा सीमा' वाले रिचार्ज प्लान पेश करती हैं - जैसे 1.5GB, 2GB, या 3GB प्रति दिन - जो हर 24 घंटे में रीसेट होते हैं लेकिन कोई भी इस्तेमाल न हुआ डेटा आधी रात को खत्म हो जाता है, भले ही उसके लिए पूरा भुगतान किया गया हो। उन्होंने तर्क दिया- "आपसे 2GB का बिल लिया जाता है। आप 1.5GB इस्तेमाल करते हैं बचा हुआ 0.5GB डेटा दिन खत्म होते ही गायब हो जाता है। कोई रिफंड नहीं। कोई रोलओवर नहीं बस खत्म। यह कोई दुर्घटना नहीं है यह एक नीति है। इस्तेमाल न हुआ डेटा अगले चक्र में आगे बढ़ना चाहिए, ताकि उपभोक्ता उस डेटा का इस्तेमाल कर सकें जिसके लिए वे पहले ही भुगतान कर चुके हैं।" राज्यसभा सदस्य, जिन्होंने पहले भी जनता से जुड़े कई मुद्दे उठाए हैं, ने अपनी तीन मांगें भी सामने रखीं: सभी मोबाइल यूज़र्स के लिए डेटा कैरी-फॉरवर्ड या रोलओवर की मांग करते हुए उन्होंने कहा: "सभी टेलीकॉम ऑपरेटर्स को इस्तेमाल न हुए डेटा का रोलओवर देना चाहिए। दिन के आखिर में जो डेटा इस्तेमाल नहीं होता, उसे अगले दिन की डेली डेटा लिमिट में जोड़ दिया जाना चाहिए, न कि वैलिडिटी खत्म होते ही मिटा दिया जाना चाहिए।" 
 

राघव चड्ढा ने की 3 मांग

राघव की दूसरी मांग थी- "अगर कोई उपभोक्ता लगातार कई साइकल तक अपने डेटा का कम इस्तेमाल करता है, तो अगले महीने के रिचार्ज अमाउंट से उस वैल्यू का एडजस्टमेंट या डिस्काउंट देने का कोई तरीका होना चाहिए। उपभोक्ताओं को बार-बार उस कैपेसिटी के लिए पैसे नहीं देने चाहिए जिसका वे इस्तेमाल नहीं करते।" उनकी तीसरी मांग रिश्तेदारों और दोस्तों के बीच इस्तेमाल न हुए डेटा के ट्रांसफर पर केंद्रित थी। उन्होंने कहा- "इस्तेमाल न हुए डेटा को उपभोक्ता की डिजिटल संपत्ति माना जाना चाहिए। यूज़र्स को अपनी डेली डेटा लिमिट से अपना इस्तेमाल न हुआ डेटा दूसरों को ट्रांसफर करने की इजाज़त होनी चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे वे दूसरों को पैसे ट्रांसफर करते हैं,"।  उन्होंने ज़ोर देकर कहा- "जैसे-जैसे हम एक डिजिटल इंडिया बना रहे हैं, एक्सेस ऐसे डेटा पर निर्भर नहीं हो सकता जो गायब हो जाता है,"।
 

Related News