
नारी डेस्क : हाल के दिनों में बच्चों के लापता होने और अपराध से जुड़ी खबरों ने हर माता-पिता की चिंता बढ़ा दी है। स्कूल, ट्यूशन या पार्क बच्चों को कहीं भी अकेले भेजना अब आसान नहीं रहा। ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर समय बच्चों पर नजर रखना संभव नहीं है, लेकिन उन्हें जागरूक और समझदार बनाकर बड़े खतरे को काफी हद तक टाला जा सकता है। अगर बच्चों को सही सेफ्टी रूल्स सिखाए जाएं, तो उनकी सुरक्षा 90% तक बढ़ाई जा सकती है।
बच्चों को सिखाएं ‘सीक्रेट कोड’
अक्सर किडनैपर्स बच्चों को यह कहकर बहलाते हैं कि मम्मी-पापा ने मुझे तुम्हें लेने भेजा है। ऐसे में परिवार के बीच एक सीक्रेट कोड तय करें। बच्चों को सिखाएं कि अगर कोई अनजान व्यक्ति लेने आए, तो उससे कोड पूछें। सही जवाब न मिलने पर तुरंत सतर्क हो जाएं।

‘NO’ कहना और भागना सिखाएं
बच्चों को साफ-साफ सिखाएं कि किसी भी अनजान व्यक्ति से टॉफी, खिलौना या लिफ्ट न लें। अगर कोई उनका पीछा करे या छूने की कोशिश करे, तो जोर से ‘NO’ कहें और तुरंत वहां से भाग जाएं। इसके बाद किसी भरोसेमंद बड़े को पूरी बात बताएं।
भीड़ में बिछड़ने पर क्या करें
अगर बच्चा भीड़ में आपसे अलग हो जाए, तो उसे घबराने के बजाय सही मदद लेने की ट्रेनिंग दें। उन्हें बताएं कि पुलिस, दुकान के कैशियर या किसी ऐसी महिला से मदद लें, जिसके साथ छोटे बच्चे हों।

निजी जानकारी शेयर न करें
अपराधी अक्सर बच्चों से उनके घर का पता, फोन नंबर या परिवार की जानकारी पूछते हैं। बच्चों को सख्ती से समझाएं कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति से अपनी पर्सनल जानकारी साझा न करें। साथ ही, उनके बैग या कपड़ों पर नाम लिखने से बचें।
बच्चों की सुरक्षा सिर्फ निगरानी से नहीं, बल्कि सही जानकारी और समझ से आती है। अगर आप अपने बच्चे को बाहर भेज रहे हैं, तो पहले उसे इन जरूरी सेफ्टी रूल्स के बारे में जरूर सिखाएं। यह छोटी-छोटी बातें बड़े खतरे से बचा सकती हैं।