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क्या लड़कियों को नहीं है शिक्षा का अधिकार? हॉस्पिटल में मौत से लड़ रहीं ईरान की छात्राएं

  • Edited By Charanjeet Kaur,
  • Updated: 03 Mar, 2023 11:52 AM
क्या लड़कियों को नहीं है शिक्षा का अधिकार?  हॉस्पिटल में मौत से लड़ रहीं ईरान की छात्राएं

ईरान में एक हैरान करने वाला मामला सामना आया है। दरअसल ईरान के शहर में लड़कियों को स्कूल जाने से रोकने के लिए सैकड़ों लड़कियों को जहर दिया गया। ईरान के डिप्टी स्वास्थ्य मंत्री यूनुस पनाही ने इसका खुलासा किया है। मंत्री ने बताया कि ईरान के शहर कोम समेत कई जगहों पर लड़कियों के स्कूलों को बंद कराने के लिए कुछ लोगों द्वारा सैकड़ों छात्राओं को जहर दिया गया। जहर केमिकल कंपाउंड के रूप में दिया गया और अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। 

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बीते साल नवंबर से कोम शहर में स्कूली छात्राओं के शरीर में जहर की पुष्टि हुई, जिनमें से कई को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। रविवार को यूनुस पनाही ने इस घटना की पुष्टि की है। ईरान के स्थानीय मीडिया के अनुसार, कोम के स्कूलों में कई छात्राओं को जहर दिया गया। कुछ लोग चाहते थे कि सभी स्कूल खासकर लड़कियों के स्कूल बंद हो जाएं। हालांकि ईरान के मंत्री पनाही ने इस मामले में ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया है। फिलहाल ईरान सरकार मामले की जांच कर रही है।

 

आपको बता दें कि अब तक 35 ईरान छात्रओं को अस्पताल में भर्ती किया जा चुका है। केस दिन व दिन बढ़ रहे हैं। क़ोम  सहित दूसरे शहरों में जहर देने का मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। वहीं रविवार को बोरुजर्ड की छात्रओं को इसी तरह की घटना के बाद अस्पताल ले जाया गया, जो की पिछले हफ्ते के भीतर पश्चिमी शहर में चौथा हादसा था।  वहीं इस मामले में ईरानी अधिकारी गहनत से जांच करेंगे। 


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के चार शहरों के 14 स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को निशाना बनाया गया। इनमें उत्तर पश्चिमी शहर आर्देबिल, राजधानी तेहरान, पश्चिमी शहर बोरोजर्द और कोम शहर शामिल हैं। कोम शहर ईरान का पवित्र शहर माना जाता है और यह बेहद रूढ़िवादी और धार्मिक तौर पर कट्टर शहर माना जाता है। देश के ज्यादातर नेताओं और राष्ट्रपतियों ने कोम शहर से ही धार्मिक शिक्षा ली है।  सोशल मीडिया पर कई वीडियो भी सामने आईं थी, जिसमें कुछ नाराज परिजन शिक्षण संस्थानों के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। 


देश के ज्यादातर नेताओं और राष्ट्रपतियों ने कोम शहर से ही धार्मिक शिक्षा ली है। सोशल मीडिया पर कई वीडियो भी सामने आईं थी, जिसमें कुछ नाराज परिजन शिक्षण संस्थानों के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच  22 वर्षीय युवती महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद यह विरोध प्रदर्शन भड़के थे, जिन्होंने हिंसक रूप ले लिया था। इन विरोध प्रदर्शन में सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर 500 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और चार प्रदर्शनकारियों को फांसी की सजा दी गई थी। हजारों लोगों को जेल में डाल दिया गया था। 

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इस मामले में ईरान के मंत्री पनाही ने ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया है। फिलहाल ईरान सरकार मामले की जांच कर रही है।

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