नारी डेस्क: सर्दियों के मौसम में शकरकंद का सेवन बहुत आम है। इसका स्वाद मीठा होता है और यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आता है। शकरकंद बनाना भी बेहद आसान होता है, इसलिए लोग इसे उबालकर, चाट के रूप में, सलाद में या सब्जी बनाकर खाते हैं। ठंड के मौसम में यह शरीर को ऊर्जा देता है और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। हालांकि, स्वाद और फायदे के साथ-साथ इसकी शुद्धता पर ध्यान देना भी बेहद जरूरी है।
शकरकंद में पाए जाते हैं कई जरूरी पोषक तत्व
शकरकंद को एक सुपरफूड माना जाता है क्योंकि इसमें शरीर के लिए जरूरी लगभग सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इसमें विटामिन A और विटामिन C भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो आंखों की रोशनी बढ़ाने और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद करते हैं। इसके अलावा इसमें फाइबर, पोटैशियम, मैंगनीज और एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं, जो पाचन तंत्र को सुधारने, दिल की सेहत बेहतर करने और शरीर को कई बीमारियों से बचाने में सहायक होते हैं।

शकरकंद खाने से सेहत को मिलते हैं कई फायदे
नियमित रूप से शकरकंद खाने से शरीर को कई तरह के फायदे मिलते हैं। यह पाचन को बेहतर करता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। शकरकंद ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करता है, जिससे यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स कैंसर, दिल की बीमारी और मोटापे के खतरे को कम करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही यह वजन घटाने और शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में भी सहायक है।
बढ़ती मांग के साथ बढ़ा मिलावट का खतरा
पिछले कुछ वर्षों में शकरकंद को आलू का हेल्दी विकल्प माना जाने लगा है। इसकी बढ़ती लोकप्रियता और मांग के चलते कुछ व्यापारी ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए इसमें मिलावट करने लगे हैं। बाजार में मिलने वाला हर शकरकंद शुद्ध हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कई बार बाहर से देखने में सुंदर और चमकदार दिखने वाला शकरकंद अंदर से सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
शकरकंद में मिलाया जाता है खतरनाक केमिकल
भारत में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर रखने वाली संस्था फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी FSSAI के अनुसार, शकरकंद में अक्सर रोडामाइन बी नामक केमिकल मिलाया जाता है। यह एक सिंथेटिक रासायनिक रंग है, जिसका उपयोग कपड़े, कागज, स्याही और लैब से जुड़े कामों में किया जाता है। कुछ व्यापारी शकरकंद को ज्यादा लाल और चमकदार दिखाने के लिए इस केमिकल का इस्तेमाल करते हैं, ताकि वह ज्यादा ताजा लगे और ऊंचे दामों पर बिक सके।
रोडामाइन बी से सेहत को क्या नुकसान हो सकता है?
वैज्ञानिक शोधों के अनुसार रोडामाइन बी खाने के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। लंबे समय तक इसका सेवन करने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा यह लिवर, किडनी और शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसी वजह से FSSAI ने इस केमिकल को खाने-पीने की किसी भी चीज में इस्तेमाल करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया हुआ है।
FSSAI का 5 सेकंड वाला टेस्ट, घर पर ऐसे करें जांच
FSSAI ने आम लोगों को मिलावटी शकरकंद से बचाने के लिए एक आसान घरेलू तरीका बताया है। इसके लिए किसी खास मशीन या टेस्ट की जरूरत नहीं होती। सबसे पहले रूई का एक छोटा सा फाहा लें और उसे पानी या किसी खाने वाले तेल में भिगो लें। इसके बाद उस रूई से शकरकंद की बाहरी सतह को हल्के हाथ से रगड़ें। अगर रूई का रंग नहीं बदलता है, तो शकरकंद सुरक्षित है। लेकिन अगर रूई लाल या बैंगनी रंग की हो जाए, तो समझ लें कि उसमें केमिकल मिलाया गया है।
शकरकंद की पोषण वैल्यू क्या कहती है?
यूएसडीए के अनुसार, 100 ग्राम उबले हुए शकरकंद में लगभग 80 से 86 कैलोरी होती हैं। इसमें करीब 20 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 4 ग्राम फाइबर और लगभग 1.6 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। फैट की मात्रा बहुत कम होती है। इसमें विटामिन A, विटामिन C, पोटैशियम और कैल्शियम अच्छी मात्रा में मौजूद होते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
डायट में क्यों शामिल करें शकरकंद?
शकरकंद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे एंथोसायनिन और कैरोटेनॉयड्स शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं। इससे कैंसर, दिल की बीमारी और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा घट सकता है। उबला हुआ शकरकंद लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला होता है, जिससे ब्लड शुगर धीरे-धीरे बढ़ता है और एनर्जी लंबे समय तक बनी रहती है।

शकरकंद से बनाएं ये हेल्दी और स्वादिष्ट रेसिपीज
शकरकंद से कई हेल्दी और स्वादिष्ट डिशेज बनाई जा सकती हैं। एयर फ्रायर या ओवन में बनाए गए शकरकंद चिप्स एक बेहतरीन हेल्दी स्नैक हैं। टमाटर और मसालों के साथ बना शकरकंद स्ट्यू पौष्टिक भोजन है। भुना हुआ शकरकंद शहद और दालचीनी के साथ स्वाद और सेहत दोनों देता है। इसके अलावा सब्जियों और चीज से भरा स्टफ्ड शकरकंद भी एक अच्छा विकल्प है।
शकरकंद सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है, लेकिन मिलावटी शकरकंद धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है और गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है। इसलिए खरीदते समय और खाने से पहले उसकी पहचान जरूर करें और केवल शुद्ध शकरकंद का ही सेवन करें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।