
नारी डेस्क: मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने के बाद दुबई की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर दिख रहा है। ईरान के हमले के बाद दुबई के एयरपोर्ट और फ्लाइट सेवाएं काफी प्रभावित हुई हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस वजह से दुबई को हर दिन करीब 2 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।
दुबई एयरपोर्ट और फ्लाइट्स पर असर
दुबई दुनिया का सबसे व्यस्त ट्रांजिट हब है, जहां से रोजाना लाखों यात्री अलग-अलग देशों के लिए यात्रा करते हैं। लेकिन ईरान के हमले के बाद सुरक्षा कारणों से कई उड़ानें रद्द कर दी गईं और कुछ फ्लाइट्स के रूट बदल दिए गए। इसका सीधा असर यात्रियों, एयरलाइंस और व्यापार पर पड़ा है। सबसे ज्यादा असर दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर देखा गया। यह एयरपोर्ट हर दिन हजारों उड़ानों को हैंडल करता है। उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को परेशानी हुई, साथ ही एयरपोर्ट की कमाई जैसे लैंडिंग फीस, पार्किंग चार्ज, ड्यूटी-फ्री शॉपिंग और कार्गो सेवाओं पर भी नकारात्मक असर पड़ा।
अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर
दुबई की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा एविएशन, टूरिज्म और ट्रेड पर निर्भर करता है। यहां आने वाले यात्रियों के कारण होटल, मॉल, टैक्सी, रेस्टोरेंट और टूरिज्म सेक्टर को बड़ा फायदा होता है। लेकिन उड़ानों के रद्द होने से इन सभी सेक्टरों पर विपरीत असर पड़ा है।
एयरलाइन कंपनियों को नुकसान
एमिरेट्स एयरलाइन जैसी प्रमुख एयरलाइन को भी भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। यह एयरलाइन रोजाना करोड़ों डॉलर का कारोबार करती है। उड़ान सेवाएं ठप होने से कंपनी की कमाई पर सीधा असर पड़ा है। इसके अलावा कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने भी दुबई रूट पर उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी हैं।
निवेशकों और शेयर बाजार पर असर
इस हालात का असर शेयर बाजार पर भी दिख रहा है। निवेशकों में डर का माहौल है और एविएशन-टूरिज्म से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर स्थिति जल्दी सामान्य नहीं हुई, तो दुबई की अर्थव्यवस्था को लंबी अवधि का नुकसान हो सकता है।
यात्रियों के लिए कठिनाई
यात्री एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं और उन्हें वैकल्पिक उड़ानों या रिफंड के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई देशों ने अपने नागरिकों को खाड़ी देशों की यात्रा से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी है।